नई दिल्ली/गढ़वा। झारखंड के गढ़वा जिले में अंधविश्वास के चलते एक महिला को प्रताड़ित कर झुलसाने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इस अमानवीय कृत्य को मानवाधिकारों का गंभीर हनन मानते हुए गढ़वा के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है।
अंधविश्वास में महिला पर डाला था उबलता पानी : मामला गढ़वा जिले के भोजपुर गांव का है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गांव के ही एक व्यक्ति ने पीड़िता को कथित तौर पर डायन बताकर उस पर हमला कर दिया। आरोपी ने बर्बरता की हदें पार करते हुए महिला पर खौलता हुआ पानी उड़ेल दिया, जिससे वह 40 फीसदी तक झुलस गई। गंभीर हालत में पीड़िता को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है।
इलाज और मुआवजे की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश : आयोग ने प्रशासन से मांगी गई रिपोर्ट में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पीड़िता के मौजूदा स्वास्थ्य की स्थिति और मामले में की गई पुलिसिया कार्रवाई का पूरा ब्योरा पेश किया जाए। इसके साथ ही आयोग ने यह भी जानकारी मांगी है कि पीड़िता को अब तक कोई आर्थिक व चिकित्सीय मुआवजा प्रदान किया गया है या नहीं।
मानवाधिकारों के हनन पर आयोग का कड़ा रुख : एनएचआरसी ने स्पष्ट किया है कि अंधविश्वास की आड़ में किसी असहाय महिला पर इस तरह का जानलेवा हमला बुनियादी मानवाधिकारों और गरिमा का खुला उल्लंघन है। आयोग ने स्थानीय प्रशासन को मामले में त्वरित, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

