भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार शाम रवींद्र भवन में आयोजित सात दिवसीय राज्यस्तरीय ‘रासलीला समारोह’ में सहभागिता की। उन्होंने राधा-कृष्ण की सजीव झांकी की विधि-विधान से आरती उतारकर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का मध्य प्रदेश की पावन धरा से अटूट और ऐतिहासिक संबंध रहा है। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण कर वे कान्हा से पूर्णावतार भगवान श्रीकृष्ण बने। इसी पावन स्मृति को सहेजते हुए राज्य सरकार प्रदेश के उन सभी स्थानों को चिन्हित कर रही है, जहां प्रभु के चरण पड़े थे, और उन्हें भव्य ‘श्रीकृष्ण तीर्थ’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
सत्य, निष्काम कर्म और संघर्ष की मिसाल है श्रीकृष्ण का जीवन : मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है। जन्म लेते ही जिन पर प्राणघातक संकट आए, उन्होंने घोर निराशा के बादलों के बीच भी कभी अपने पथ से डिगना स्वीकार नहीं किया और हमेशा सत्य व लोककल्याण का मार्ग चुना। 64 कलाओं, 14 विद्याओं और 18 पुराणों के ज्ञाता योगेश्वर श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र की भूमि पर मानवता को श्रीमद्भगवद्गीता का अमर उपदेश दिया। मुख्यमंत्री ने सभी को हलषष्ठी व जन्माष्टमी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए बताया कि वे 3 सितंबर को द्वारिका (गुजरात) के दर्शन हेतु प्रवास पर रहेंगे।
गोवर्धन पूजा और महारास का मनोहारी मंचन : संस्कृति विभाग के इस सात दिवसीय समारोह के पांचवें दिन मथुरा के प्रख्यात निर्देशक माधव आचार्य के निर्देशन में ब्रज के पारंपरिक कलाकारों ने ‘श्री गोवर्धन लीला’ और ‘रास की भूमिका’ का जीवंत मंचन किया। कलाकारों ने ब्रजभाषा में प्रस्तुत किया कि कैसे बालकृष्ण ने देवराज इंद्र के अहंकार का मर्दन कर गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठिका पर उठाया और प्रकृति व गोवंश संरक्षण का संदेश दिया। इसके उपरांत गोपियों के निश्छल भक्तिभाव और परमात्मा के मिलन को दर्शाती महारास लीला प्रस्तुत की गई।
भक्ति भजनों से कृष्णमय हुआ परिसर : सांस्कृतिक संध्या में जबलपुर की सुश्री रूपाली कुसुमकर एवं साथी कलाकारों ने ‘श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी’, ‘एक राधा एक मीरा’, ‘श्याम तेरी बंसी’ और ‘राम सिया राम’ जैसे भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं, जिससे समूचा सभागार भक्तिरस में डूब गया।
प्रमुख जनप्रतिनिधि व अधिकारी रहे मौजूद : समारोह में संस्कृति एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, भोपाल महापौर मालती राय, विधायक भगवानदास सबनानी, तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्यपालिक अध्यक्ष रघुनंदन शर्मा, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी और संस्कृति संचालक एन.पी. नामदेव सहित अनेक गणमान्य नागरिक व कलाप्रेमी उपस्थित रहे।

