नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के बागवानी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक और बड़ी सफलता मिली है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) की पहल पर पहली बार शोपियां और पुलवामा से प्रीमियम अरेको चेरी और सेंटरोज़ प्लम की खेप सिंगापुर के लिए रवाना की गई है। इससे पहले इसी सीजन में कश्मीर से ताजी चेरी और प्लम का सफल निर्यात संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी और दुबई के लिए भी किया जा चुका है।
वैज्ञानिक तरीके से तैयार की गई निर्यात खेप : एपीईडीए ने मेसर्स ओसुम फूड सॉल्यूशंस एलएलपी और फ्रूट मास्टर एग्रो फ्रेश प्राइवेट लिमिटेड, पुलवामा के सहयोग से 16 जुलाई को पहली खेप के निर्यात का फ्लैग-ऑफ किया। फलों की कटाई, ग्रेडिंग, पैकिंग और परिवहन वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप किया गया। साथ ही अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पौध स्वच्छता मानकों का पालन करते हुए कोल्ड चेन व्यवस्था के माध्यम से इन्हें सिंगापुर भेजा गया, ताकि गुणवत्ता और ताजगी बरकरार रहे।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में अहम पहल : एपीईडीए के अनुसार, इस पहल से स्थानीय फल उत्पादकों को पारंपरिक बाजारों की तुलना में 50 प्रतिशत से अधिक बेहतर मूल्य मिलने की संभावना है। साथ ही निर्यात आधारित खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग और फसल कटाई के बाद बेहतर प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे फसल की बर्बादी कम होगी और किसानों की आय में वृद्धि के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
वैश्विक बाजार में मजबूत होगी कश्मीर की पहचान : विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्यात जम्मू-कश्मीर के उच्च गुणवत्ता वाले शीतोष्ण फलों को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एपीईडीए लगातार बाजार विविधीकरण, बेहतर लॉजिस्टिक्स और निर्यात सुविधाओं के माध्यम से भारतीय बागवानी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। इस पहल से भारत के फल निर्यात को नई मजबूती मिलने के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर विश्वस्तरीय प्रीमियम फलों के विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।

