दतिया। जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पण्डोखर धाम में इस वर्ष भी पारंपरिक श्रद्धा और भव्यता के साथ 30वां पण्डोखर धाम महोत्सव आयोजित किया जाएगा। महोत्सव का शुभारंभ 2 अप्रैल 2026 को श्रीहनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर होगा और समापन 22 अप्रैल को आदि शंकराचार्य जयंती पर किया जाएगा। यह आयोजन पण्डोखर धाम पीठाधीश्वर संत गुरुशरण महाराज के सान्निध्य में संपन्न होगा।

महोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और तैयारियां तेज़ी से जारी हैं। आयोजकों के अनुसार इस वर्ष भी हजारों श्रद्धालु देश-विदेश से पण्डोखर धाम पहुंचकर इस धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनेंगे।
तैयारियां जोरों पर, ट्रस्ट ने दी जानकारी : पण्डोखर धाम ट्रस्ट के संस्थापक व सचिव मुकेश कुमार गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि सनातन संस्कृति के उत्सव के रूप में मनाए जाने वाले 30वें पण्डोखर धाम महोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से प्रारंभ हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि इस बार महोत्सव को और अधिक भव्य और सुव्यवस्थित रूप देने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
मंगल कलश यात्रा से होगा भव्य शुभारंभ : 2 अप्रैल को श्रीहनुमान प्राकट्योत्सव के दिन विशेष आरती के बाद पवित्र पुष्पवती तट से भव्य मंगल कलश यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए आश्रम परिसर के यज्ञ स्थल तक पहुंचेगी। कलश यात्रा में लेजम अखाड़े, डमरू दल, झांकियां और हजारों श्रद्धालु पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ भाग लेंगे।
दुकानदारों के लिए विशेष सुविधाएं मुकेश कुमार गुप्ता ने यह भी बताया कि पण्डोखर धाम महोत्सव मेले में आने वाले दुकानदारों को जगह, बिजली, पानी और भोजन की व्यवस्था निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इससे छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहन मिलेगा और मेले में अधिक संख्या में दुकानें लगने से श्रद्धालुओं को भी बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी।
नवकुंडीय श्रीराम महायज्ञ और पूर्णाहुति : महोत्सव के दौरान गुरुशरण महाराज के मुख्य यजमानत्व में नवकुंडीय श्रीराम महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। यज्ञाचार्य पं. उमाशंकर शास्त्री के निर्देशन में वैदिक विधि-विधान से यज्ञ संपन्न होगा। 12 अप्रैल को पूर्णाहुति के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
धार्मिक कथाओं का आयोजन : 2 से 9 अप्रैल तक श्रीमद्भागवत कथा का वाचन पं. विनोद शास्त्री द्वारा किया जाएगा। वहीं 10 से 14 अप्रैल तक श्री हनुमत कथा प्रसंग और 15 से 21 अप्रैल तक श्रीराम कथा का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रहेगी भरमार : महोत्सव के दौरान प्रतिदिन रामलीला मंचन, भजन संध्या, बुंदेली लोकगीत, राई नृत्य, मोनिया नृत्य, रासलीला, कवि सम्मेलन, भोजपुरी नाइट और मलखंभ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। देशभर के प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जिससे महोत्सव में सांस्कृतिक रंग और भी गहरा होगा।
श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी की उम्मीद : आयोजकों के अनुसार इस महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आने वाले अनुयायियों सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे। यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्रसार का भी महत्वपूर्ण माध्यम साबित होगा।

