कटनी : मध्यप्रदेश का कटनी जिला तेजी से देश के बड़े खनिज और औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। चूना पत्थर, बॉक्साइट, लौह अयस्क और मार्बल जैसे खनिजों के लिए पहचान रखने वाला कटनी अब स्वर्ण अयस्क और डोलोमाइट भंडारों के कारण नई चर्चा में है।
राज्य सरकार ने कटनी जिले के बड़वारा क्षेत्र में डोलोमाइट के बड़े ब्लॉक्स को आरक्षित करने का फैसला लिया है, जिससे खनिज आधारित उद्योगों और स्थानीय रोजगार को नई गति मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कटनी अब सिर्फ “चूना नगरी” नहीं रहेगा, बल्कि आधुनिक खनन, निवेश और औद्योगिक विकास का बड़ा केंद्र बनेगा।
स्वर्ण अयस्क के साथ कई बहुमूल्य खनिजों की संभावना : कटनी की स्लीमनाबाद तहसील के इमलिया क्षेत्र में बड़े स्तर पर स्वर्ण अयस्क मिलने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों के अनुसार यहां सोने के साथ तांबा, जिंक, लेड और चांदी जैसे खनिजों के भंडार भी मौजूद हैं। लंबे समय से चल रहे भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षणों के बाद इस क्षेत्र को खनिज दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
50 वर्षों के लिए हुआ खनन समझौता : खनन परियोजना के विकास के लिए एक निजी कंपनी को लंबे समय की लीज दी गई है। इसके तहत क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश, औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य केवल खनिज उत्खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तर पर उद्योग स्थापित कर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना भी है।
निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा : राज्य सरकार द्वारा आयोजित “माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0” के बाद कटनी में बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। खनिज आधारित उद्योगों, सीमेंट, ऊर्जा और धातु प्रसंस्करण क्षेत्रों में नए प्रोजेक्ट शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इससे हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
तकनीक से अवैध खनन पर निगरानी : कटनी में खनन व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाया गया है। ई-चेक गेट और माइनिंग सर्विलांस सिस्टम के जरिए अवैध उत्खनन और परिवहन पर निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का दावा है कि नई व्यवस्थाओं से राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

