सावधान कहीं आप भी तो नहीं खा रहे हैं नकली मसाले ? , इस तरीके से घर पर ही जांचें असली नकली का फर्क

नई दिल्ली । हम हमेशा इस उलझन में रहते हैं कि जो मसाले इस्तेमाल कर रहे हैं, वो असली है या नकली। बाजार में तमाम तरह के ब्रांडेड मसाले नजर आते हैं। जिनमें शुद्धता की गारंटी भी दी जाती है। लेकिन मन को संतुष्टि तभी मिलती है जब उनको हर कसौटी पर परख लेते हैं। लेकिन ऐसे कौन-कौन से तरीके हैं, जिन्हें अपनाकर हम रोजमर्रा में उपयोग किए जाने वाले मसालों (Spices) के बारे में जान पाएं। इसके लिए हम आपको बताते हैं कुछ खास तरीके जो मसालों के बारे में आपको जानकारी देते हैं। मसाले खरीदने के दौरान सबसे बड़ी परेशानी होती है कि वो असली (Pure) हैं या मिलावटी। अगर किसी भी खाने में चार मसाले इस्तेमाल कर रहे हैं और उसमे से तीन बहुत बढ़िया हैं और एक अगर मिलावटी है, तो वो एक मसाला पूरे खाने के स्वाद को बिगाड़ देगा। वैसे तो इसका एक सबसे बढ़िया इलाज यह है कि हम खड़े (साबुत) मसाले इस्तेमाल करें, अगर ऐसा नहीं करते हैं तो पिसे मसाले खरीदने के दौरान इन सावधानियों को ज़रूर बरतें।

ऐसे परखें हल्दी पावडर को – जामा मस्जिद के मुकीम पंसारी (मसाले वाले) बताते हैं कि हमेशा प्योर हल्दी हल्के पीले रंग पर होती है। अगर आप बाज़ार से खुली हुई या पैकिंग वाली पिसी हल्दी खरीद रहे हैं और उसका रंग गहरा पीला है तो यह तय मान लीजिए कि वो सौ फीसद मिलावट वाली हल्दी है। इसकी एक और पहचान यह भी है कि इस तरह की हल्दी को पानी में डालिए, अगर पानी में डालते ही हल्दी का रंग जल्दी ही गायब हो जाए तो वो मिलावटी है। मिलावटी धनिया की पहचान- मुकीम पंसारी का कहना है कि धानिया में मिलावट के बारे में बहुत सारी बातें सामने आती हैं। लेकिन धानिया में सबसे ज़्यादा जंगली घास पीसकर मिलाई जाती है। सूखने के बाद इस घास का रंग भी धानिए जैसा ही हो जाता है। असली धनिए की खुशबू बहुत तेज होती है। अगर पिसे धानिए से खुशबू नहीं आ रही है या कम आ रही है तो मान लीजिए की वो मिलावटी है।

नमक भी होता है असली-नकली- सभी तरह के मसालों में नमक की अपनी एक खास अहमियत है। खाना वैज हो या नॉन वैज सभी में नमक का भरपूर इस्तेमाल होता है। लेकिन नमक में मिलावट की बजाए ज्यादातर उसका आयोडाइज होना या सामान्य नमक है, यह चेक किया जाता है। इसे चेक करने का तरीका यह है कि एक आलू को दो हिस्सों में काटकर उस पर नमक लगा दें। नींबू के रस की कुछ बूंदें डाल दें।10 मिनट बाद चेक करें कि अगर उसका रंग नीला हो जाए तो वो आयोडाइज है, अगर नहीं होता है तो वो सामान्य नमक है। वहीं सबसे महंगी बिकने वाली केसर के बारे में भी मुकीम पंसारी का कहना है कि वैसे तो केसर हर कोई नहीं खरीदता है, लेकिन फिर भी इसकी पहचान होना जरुरी है। असली केसर का बाल हाथ से तोड़ने पर जल्दी नहीं टूटता है। जबकि नकली बाल जल्दी टूट जाता है। केसर में भुट्टे के बाल रंगकर मिलाए जाते हैं। इन कुछ तरीकों से हम मसालों की मिलावट के बारे में घर बैठे आसानी से पहचान कर सकते हैं। कुछ दिनों तक इन तरीकों को अपनाएंगे तो आप आसानी से मसालों की असलियत को जान जाएंगे।

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