नईदिल्ली। कोरोना वायरस का बदला रूप इस बार काफी घातक सिद्ध हो रहा है। कोरोना का नया वायरस शरीर में ऑक्सीजन तेजी से कम कर रहा है। 4 से 5 दिन के संक्रमण में ही ऑक्सीजन लेबिल तेजी से नीचे की ओर गिर रहा है। वायरस के इस रूप ने चिकित्सकों को भी हैरानी में डाल दिया है। कोरोना संक्रमितों को ऑक्सीजन के लिए पर्याप्त व्यवस्था को लेकर देश में भी आनन फानन में व्यवस्थाओं को अंजाम दिया जा रहा है। कोरोना वायरस का यह अटैक काफी चिंता में डाल रहा है।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के पांडेय हाता निवासी 22 वर्षीय युवक को तीन दिन पहले बुखार हुआ। सोमवार की सुबह उसे सांस लेने में तकलीफ हुई। दोपहर तक उसकी हालत बिगड़ गई। ऑक्सीजन सेचुरेशन 65 से 70 के बीच आ गया। उसे निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। इसी तरह पुर्दिलपुर निवासी 33 वर्षीय युवक निजी बैंक में तैनात है। युवक को रविवार को सांस लेने में तकलीफ हुई। सोमवार को एंटीजन जांच में वह संक्रमित मिला। देर शाम तक उसकी हालत बिगड़ गई। ऑक्सीजन सेचुरेशन 75 पर आ गया। उसे बीआरडी मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है।
ऑक्सीडेशन नहीं हो पा रहा
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के टीबी एंड चेस्ट के विभागाध्यक्ष ने बताया कि संक्रमण के बाद वायरस फेफड़े के अंदर तेजी से परत बना रहा है। इससे खून को ऑक्सीजन नहीं मिल पा रहा है। इसे ऑक्सीडेशन कहते हैं। मरीज के खून में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने के लिए उसे 60 लीटर प्रति मिनट की स्पीड से ऑक्सीजन देना पड़ रहा है। जबकि सामान्य तौर पर यह 8 से 10 लीटर प्रति मिनट की दर से दिया जाता है। इस वजह से संक्रमितों के इलाज में ऑक्सीजन की खपत 5 से 6 गुना बढ़ गई है। कोविड वार्ड में भर्ती करीब 40 फीसदी मरीज युवा है। युवाओं की हालत इसमें ज्यादा गंभीर हो रही है। उनकी सीटी स्कैन थोरेक्स की स्कोरिंग 15 से अधिक आ रही है। यह गंभीर संक्रमण की निशानी है। कुछ मरीज तो 20 से 22 स्कोरिंग तक के पहुंचे हुए हैं। उनका इलाज चल रहा है।
सीटी थोरेक्स बता रहा संक्रमण की िस्थति
चिकित्सकों ने बताया कि कोरोना की पहचान व इलाज में सीटी स्कैन थोरेक्स का रोल अहम हो गया है। इसमें गले व सीने का स्कैन किया जाता है। यह उनके अंदर संक्रमण के कारण हुए असर की तस्वीर बताता है। इसे स्कोरिंग कहते हैं। अधिकतम स्कोरिंग 25 तक होती है। इसमें संक्रमण जितना अधिक होगा स्कोरिंग उतना ही ज्यादा होती है। चेस्ट फिजीशियन ने बताया कि वायरस का नया स्ट्रेन यह चार दिन में ही फेफड़े तक पहुंच कर उसे पूरी तरह संक्रमित कर दे रहा है। फेफड़े के अंदर मौजूद एल्बुलाई और खून की धमनियों (ब्लड वेसल्स) के बीच में दीवार बना दे रहा है। जिससे खून में ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जा रही है। यह प्रक्रिया बेहद तेजी से हो रही है। कई बार तो मरीज को समझने का मौका भी नहीं मिल रहा है।
सीटी स्कैन की स्कोरिंग
हल्का संक्रमण – 8 से कम
मध्यम संक्रमण – 8 से 15 तक
गंभीर संक्रमण- 15 से अधिक
यूपी में बेकाबू हो रहे हालात
इस बीच यूपी में हालात बेकाबू होते दिख रहे हैं। शुक्रवार को राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण से एक दिन में सर्वाधिक 196 और मरीजों की मौतें हो गईं। कोविड-19 के रिकार्ड 37,238 नये मामले भी सामने आये। राज्य में अब तक कुल संक्रमितों का आंकड़ा दस लाख पार कर गया है। राज्य में इस समय कुल 2,73,653 मरीज इलाज करा रहे हैं। इनमें से दो लाख 18 हजार मरीज घर पर आइसोलेट हैं। बाकी निजी तथा सरकारी अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं। राज्य में पिछले 24 घंटे में 196 और संक्रमितों की मौत होने से राज्य में मृतक संख्या बढ़कर 10,737 हो गई है।


