करंट की चपेट में आने से लाइनमेन की गई जान, गुस्साए स्वजन ने लगाया जाम, ठेकेदार की गलती से हुआ हादसा

Datia News : दतिया। इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चकबैना में बिजली पोल पर काम करते वक्त लाइनमेन की करंट लगने से मौत हो गई। करंट की चपेट में आने पर लाइनमेन युवक पोल से ही चिपका रह गया। यह देख मौके पर मौजूद उसके साथी घबरा गए और तत्काल बिजली सप्लाई बंद कराई गई।

जिसके बाद लाइनमेन युवक को पोल से उतारकर अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस पूरे में मामले में बिजली कंपनी के ठेकेदार की लापरवाही को देखते हुए मृतक के स्वजन भड़क गए और बिना पीएम कराए उन्होंने कस्बे के ग्वालियर चौराहे पर शव को बीच सड़क पर रखकर दोपहर 2.50 बजे जाम लगा दिया।

स्वजन की मांग थी कि बिजली कंपनी ठेकेदार के विरुद्ध मामला दर्ज किया जाए। हंगामा बढ़ता देख इंदरगढ़ थाना प्रभारी परमानंद शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

इस बीच उन्हांेने घटना के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को भी सूचना दी। जिसके बाद आसपास के थाने लांच, भगुवारपुरा, थरेट और धीरपुरा से भी पुलिस बल मौके पर भेजा गया। काफी समझाइश के बाद मृतक के स्वजन मानें और करीब 45 मिनिट बाद जाम खुल सका। जाम लग जाने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। वहीं मौके पर काफी संख्या में लोग जमा हो गए।

पुलिस के मुताबिक मृतक लाइनमेन के चचेरे भाई धर्मेंद्र कुशवाह पुत्र बानसिंह कुशवाह निवासी ग्राम तरगुवां उनाव ने लांच थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह और उसका चचेरा भाई परसराम कुशवाह बिजली का का काम करते हैं।

20 फरवरी को बिजली कंपनी ठेकेदार भरत मांझी उन दोनों को 33केवी के तीन पोल पर लाइन खिंचवाने के लिए गांव से बुलाकर चकबैना लाया था। जहां सुबह 11.30 बजे भरत मांझी ने परसराम को काम करने के लिए खंबे पर चढ़ने को कहा।

परसराम ने उससे पूछा कि बिजली सप्लाई बंद करने का परमिट ले लिया है, तो भरत ने कहाकि बिजली बंद करा दी है तुम आराम से काम करो। जैसे ही परसराम पोल पर काम करने चढ़ा वह करंट की चपेट में आ गया और पोल से ही चिपका रह गया। यह देख ठेकेदार भरत मौके से भाग निकला।

धर्मेंद्र ने अन्य लोगों की मदद से बिजली सप्लाई बंद कराई और ग्रामीणों की मदद से परसराम को पोल से उतारकर अस्पताल लेकर पहुंचा। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

गुस्साए स्वजन ने लगाया जाम

ठेकेदार भरत मांझी की लापरवाही से परसराम की मौत होने को लेकर मृतक के स्वजन गुस्से में आ गए और उन्होंने अस्पताल से शव लाकर ग्वालियर चौराहे पर बीच सड़क पर रख जाम लगा दिया। मृतक के परिवार की महिलाएं भी सड़क घेरकर बैठ गई। इस दौरान ठेकेदार पर मामला दर्ज करने के साथ ही मुआवजा राशि की मांग की गई।

जाम लगने के बाद दोनों तरफ का आवागमन ठप हो गया। हंगामा बढ़ता देख इंदरगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी परमानंद शर्मा ने स्वजन की ठेकेदार के विरुद्ध मामला दर्ज करने की मांग को लेकर प्रकरण पंजीबद्ध कराए जाने का आश्वासन दिया। तब जाकर स्वजन मानें और जाम खुल सका। इस गहमागहमी में काफी देर तक मृतक का पीएम भी नहीं हो सका।

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