भोपाल से आई लोकायुक्त टीम ने जिला अस्पताल में खंगाले दस्तावेज, दस साल पुराने फर्जी नियुक्ति मामले की पूरे दिन चली जांच

Datia News : दतिया । भोपाल से आई लोकायुक्त टीम ने सोमवार को पूरे दिन जिला अस्पताल में दस्तावेजों को खंगाला। टीम एक दिन पहले ही रविवार शाम को दतिया पहुंच गई थी। दतिया जिला चिकित्सालय में वर्ष 2010-11 के दौरान 50 पदों पर नियुक्तियां की गई थी।

बाद में इस मामले में पता चला कि यूनिक आईडी के माध्यम ये भर्तियां फर्जी तरीके से की गई है। यह सभी नियुक्तियां भोपाल में हुई थी। इन नियुक्ति के बाद उनकी पदस्थापना दतिया में विभिन्न पदों पर की गई थी।

इस मामले की जांच के संबंध में भोपाल लोकायुक्त टीम ने सोमवार को सीएमएचओ कार्यालय से संबंधित फाइलों का अवलोकन किया और चिकित्सा अधिकारियों से के बयान के साथ फाइलों की जानकारी ली।

लोकायत के सात सदस्यीय दल इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. आर.बी. कुरेले के कार्यालय पहुंचा। इन नियुक्तियों से संबंधित फाइलें देखी और कुछ फाइलों की फोटोकाॅपी ली गई है।

हालांकि तत्कालीन समय के अधिकांश कर्मचारी जिन्होंने इन नियुक्ति के संबंध में कार्रवाई की थी अथवा भुगतान आदेश आदि निकाले थे, उनमें से अधिकांश रिटायर हो गए हैं। सीएमएचओ डा.आर.बी. कुरेले ने जानकारी में बताया कि 2010-11 में भोपाल से नियुक्तियां की गई थी।

अब यह फर्जी है या नहीं, इस संबंध में तात्कालिक से सीएमएचओ या जांच अधिकारी बता सकते हैं। उस समय मैं भी यहां नहीं था। लोकायुक्त टीम ने यहां पर जो फाइलें हमसे मांगी थी, वह हमने उन्हें उपलब्ध करा दी है।

जिन लोगों की नियुुक्तियां कर दतिया पदस्थापना की गई थी, उनमें से भी कोई भी कर्मचारी यहां नहीं है, सभी के स्थानांतरण हो गए है।

फर्जी नियुक्ति के संबंध में शिकायतकर्ता राधावल्लभ सरवरिया भी इस मौके पर सीएमएचओ कार्यालय पहुंच गए थे। उन्होंने जानकारी में बताया कि तत्कालीन समय में विभिन्न पदों पर 50 नियुक्तियां की गई थी।

ये पदस्थापना दतिया जिला चिकित्सालय में की गई थी। वे सभी लोग आज भी नौकरी कर रहे हैं। बाद में उनके स्थानांतरण यहां से कर दिए गए। जांच अभी भी लंबित है।

शिकायतकर्ता राधाबल्लभ सरवरिया

इससे संबंधित शिकायत उन्होंने विभागीय स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों से की थी, जब उनकी बात नहीं सुनी गई, तो उन्होंने इस मामले की शिकायत 2013 में लोकायुक्त में की गई थी। हालांकि लोकायुक्त टीम ने राधाबल्लभ सरवरिया को नहीं बुलाया था, लेकिन टीम आने की सूचना के बाद वह सीएमएचओ कार्यालय पहुंच गए थे।

जांच दल ने इस संबंध में राधावल्लभ से कोई भी पूंछतांछ नहीं की गई। यह लोकायुक्त जांच दल गत रविवार की रात को दो वाहनों से दतिया पहुंचा था और सुबह 10 बजे से सीएमएचओ कार्यालय में फाइलें की जांच का काम शुरू किया गया। भोपाल लोकायुक्त जांच दल से जब बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने बात करने से इंकार कर दिया।

Share

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
error: Content is protected !!