पालकी में सवार होकर दर्शन देने निकले भगवान भास्कर, मंदिर प्रांगण में ही पूरी हुई रथयात्रा की परंपरा, श्रद्धालुओं की भीड़ के आगे टूटे सभी नियम

Datia News : दतिया। भगवान भास्कर के धाम उनाव बालाजी में देवशयनी एकादशी पर भव्य रथयात्रा का आयोजन किया गया। वैसे तो इस बार भी कोरोना के कारण रथयात्रा सिर्फ मंदिर प्रांगण में ही निकाले जाने की स्वीकृति दी गई थी। लेकिन मंदिर प्रांगण में भक्तों का सैलाब फिर भी नहीं थम सका।

मंदिर प्रांगण में ठसाठस भक्तों की भीड़ के बीच पूरे उत्साह के साथ भगवान भास्कर के दिव्य रूप काे पालकी पर सवार कर ढोल नगाड़ों के साथ मंदिर में सात परिक्रमा कराकर रथयात्रा की परंपरा िनभाई गई।

मंगलवार को रथयात्रा को लेकर मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। इधर प्रशासन ने रथयात्रा के दौरान सीमित संख्या में पंडा पुजारियों की मौजूदगी में पूजा अर्चना किए जाने की अनुमति दी थी। लेकिन भक्तों की आस्था के सामने सारे नियम बौने नजर आए।

मंदिर परिसर में भजन कीर्तन करती मंडलियां और जयघोष करते श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ रथयात्रा में भाग लिया। मंदिर परिसर में पुलिस की व्यवस्था भी रही। लेकिन श्रद्धालुओं को रोक पाना उनके लिए मुश्किल रहा। देर शाम तक मंदिर में भजनों का सिलसिला चलता रहा।

पालकी में सवार होकर निकले भगवान भास्कर

पारंपरिक रथयात्रा का आयोजन मंदिर परिसर में किए जाने की अनुमति के बाद आकर्षक पालकी तैयार की गई। जिसमें भगवान भास्कर को सवार कर परिक्रमा कराई गई। परिक्रमा के दौरान काफी संख्या में मौजूद भक्तों ने जमकर जयघोष करते हुए भगवान भास्कर पर पुष्पवर्षा की।

मंदिर प्रांगण में आसपास के क्षेत्रों सहित स्थानीय भक्तों की जमकर भीड़भाड़ नजर आई। इस दौरान भगवान भास्कर का विशेष श्रृंगार कर महाआरती का भी आयोजन हुआ।

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