मप्र बना ऊर्जा सरप्लस राज्य, कुल क्षमता का 30% हिस्सा क्लीन एनर्जी : अभियंता दिवस पर बोले सीएम डॉ. मोहन यादव, 9 हजार कर्मचारियों को मिली पदोन्नति !

भोपाल। मध्यप्रदेश ने विद्युत उत्पादन और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय मुकाम हासिल करते हुए खुद को ऊर्जा सरप्लस राज्य के रूप में स्थापित किया है। अभियंता दिवस के उपलक्ष्य में भोपाल के रवीन्द्र भवन में ‘पॉवर इंजीनियर्स एंड एम्पलॉइज एसोसिएशन’ द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के पास आज 29 हजार मेगावाट की विशाल विद्युत क्षमता उपलब्ध है, जिसमें से 30 प्रतिशत हिस्सा पर्यावरण-अनुकूल ‘क्लीन एनर्जी’ का है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बिजली कर्मियों की निष्ठा और तकनीक के समन्वय से मध्यप्रदेश अब ‘बिजली गुल’ वाले दौर से निकलकर ‘बिजली फुल’ स्टेट बन चुका है।

बिजली कर्मियों को बड़े तोहफे: पदोन्नति, भत्ते और कैशलेस बीमा : मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के तकनीकी व गैर-तकनीकी संवर्ग के लिए लिए गए नीतिगत फैसलों का ब्योरा दिया:

  • पदोन्नति व विसंगति निवारण: विद्युत कंपनियों में वर्षों से लंबित पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त करते हुए 9 हजार से अधिक अभियंताओं और कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया है। साथ ही अभियंताओं की तीन प्रमुख वेतन विसंगतियों का स्थायी समाधान निकाला गया।

  • फ्रिज बेनिफिट्स की बहाली: करीब 20 वर्षों से अटके नाइट शिफ्ट, कन्वेयंस और कंपनसेटरी अलाउंस सहित कई भत्तों को पुनरीक्षित (रिवाइज) किया गया है, जिसका सीधा आर्थिक लाभ 25 हजार अधिकारियों-कर्मचारियों को मिल रहा है।

  • स्वास्थ्य सुरक्षा व सोलर रूफटॉप: बिजली कर्मियों और उनके परिवारों के लिए कैशलेस मेडिक्लेम बीमा योजना लागू की गई है। इसके अलावा कंपनी कैडर के कर्मचारियों के लिए आवासीय सोलर रूफटॉप योजना भी शुरू की गई है।

अमरकंटक-सतपुड़ा में नई इकाइयां, 12 वर्षों में 25 गुना बढ़ी ग्रीन एनर्जी : डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता पिछले 12 वर्षों में 25 गुना से अधिक बढ़कर 11 हजार मेगावाट के पार पहुंच चुकी है। हाल ही में दुबई में आयोजित ‘इन्वेस्ट एमपी’ समिट के दौरान मिले ₹53 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों में सर्वाधिक रुचि सौर ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन में दिखाई गई है। इसके साथ ही भविष्य की औद्योगिक और घरेलू मांग को संतुलित रखने के लिए अमरकंटक ताप विद्युत गृह और सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में नई उत्पादन इकाइयों की स्थापना को हरी झंडी दे दी गई है।

आगामी सीजन से किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली : मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ‘किसान कल्याण वर्ष’ के अंतर्गत ग्रामीण व कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अगले फसल सीजन से किसानों को सिंचाई हेतु दिन के समय 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति दी जाएगी। प्रदेश में डेटा सेंटर और एआई (AI) हब की स्थापना से बढ़ने वाली बिजली खपत को पूरा करने के लिए ऊर्जा ग्रिड को आधुनिक बनाया जा रहा है।

समारोह में वर्चुअली जुड़े ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अभियंताओं के योगदान को सराहा। कार्यक्रम में पॉवर इंजीनियर्स एंड एम्पलॉइज एसोसिएशन के महासचिव अजय कुमार मिश्रा, कुलदीप सिंह गुर्जर, रामनाथ गणेशे, सुशील पांडे और राजन नायर सहित राज्यभर के विद्युत अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

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