भोपाल | मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने परीक्षा प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने एक आधुनिक एजुकेशन मैनेजमेंट सिस्टम (EMS) पोर्टल विकसित किया है, जिसके माध्यम से कक्षा 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षा से जुड़ी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित की जाएगी। यह नई व्यवस्था शिक्षण सत्र 2025-26 से लागू की जाएगी।
डिजिटल होंगे प्रवेश पत्र, परिणाम और अंकसूची : नई प्रणाली के तहत विद्यार्थियों के लिए यूनिक रोल नंबर जनरेट किए जाएंगे। इन्हीं रोल नंबर के आधार पर प्रवेश पत्र जारी होंगे। परीक्षा के बाद परिणाम भी सीधे पोर्टल पर तैयार किए जाएंगे और अंकसूचियां ऑनलाइन प्रिंट की जा सकेंगी। इससे त्रुटियों की संभावना कम होगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
राज्य से जिला स्तर तक त्वरित विश्लेषण : EMS पोर्टल की मदद से राज्य, संभाग और जिला स्तर पर परीक्षा परिणामों का त्वरित विश्लेषण संभव होगा। इससे शैक्षणिक गुणवत्ता की निगरानी और सुधारात्मक कदम उठाने में आसानी होगी। जरूरत पड़ने पर द्वितीय परीक्षा (सप्लीमेंट्री) की पूरी प्रक्रिया भी इसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित की जा सकेगी।
प्रशासनिक दक्षता में होगा इजाफा : डिजिटलीकरण से समय की बचत होगी, दस्तावेज़ प्रबंधन आसान होगा और परीक्षा संबंधी कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी। यह पहल न केवल विद्यार्थियों बल्कि स्कूल प्रशासन के लिए भी सुविधाजनक साबित होगी।
नई डिजिटल व्यवस्था से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ-साथ जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। पहले जहां मैनुअल प्रक्रिया के कारण परिणाम तैयार करने और अंकसूची वितरण में देरी होती थी, वहीं अब यह कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जा सकेगा।
इससे विद्यार्थियों को उच्च कक्षाओं में प्रवेश या अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही डेटा का सुरक्षित डिजिटल संग्रह भविष्य में शैक्षणिक योजना निर्माण, परिणाम विश्लेषण और नीति निर्धारण में भी सहायक सिद्ध होगा। यह पहल शिक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है।


