सोनागिर में चंद्रप्रभु का हुआ महामस्तकाभिषेक, जयकारों से गूंजा पहाड़ी क्षेत्र

दतिया ।  प्रसिद्ध जैन सिद्धक्षेत्र सोनागिर में श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र सोनागिर संरक्षित कमेटी के तत्वाधान में नव वर्ष के मौके पर दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें 31 दिसंबर रात्रि को भजन संध्या एवं 1 जनवरी को मुनिश्री ज्ञेय सागर सानिध्य में आठवें तीर्थंकर भगवान चंद्रप्रभु स्वामी का कलशों से महा मस्तकाभिषेक किया गया।

इस अवसर पर मुनिश्री ज्ञेय सागर सहित मुनिराजों, आर्यिकाश्री ने जैन धर्म के आठवें तीर्थकार भगवान चंद्रप्रभु जन्म और तप कल्याणक के अवसर पर हजारों इन्द्रों के सिर पर मुकुट लगाकर व पीले वस्त्र धारण कर भक्ति भाव के साथ महामस्तकाभिषेक किया। जैसे ही भगवान का प्रथम महामस्तकाभिषेक हुआ तो पूरे पंडाल में मौजूद जैन समाज के लोगों के जयकारों से सभागार गूंज उठा। मुनिश्री ज्ञेय सागर ने आपने मुखबिंद से मंत्रो के उच्चारण के साथ शांतिधार श्रद्धालुओं ने की। जैन समाज के लोगों ने भगवान चंद्रप्रभु की अष्ट्रद्रव्य से पूजा आर्चन कर अर्घ समर्पित किए । 108 दीपों से श्रद्धालुओं ने भगवान चंद्रप्रभु की विशेष महाआरती की। इस मौके पर कमेठी के अध्यक्ष अनिल जैन, महामंत्री बालचंद्र जैन, कोषाध्यक्ष राजेद्र जैन एडवोकेट, रमेशचंद्र जैन, पुत्तनलाल जैन, जितेद्र जैन, संदीप जैन, अंकित जैन, मनीष जैन, राकेश जैन, प्रवक्ता सचिन जैन आदि मौजूद रहे।

भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु

ग्वालियर के संगीतकार शुभम जैन संगीत पार्टी एवं गायक दीक्षा जैन की भजन संध्या पहाड़़ी स्थित चंद्रप्रभु के दरबार में आयोजित हुई। जिसमें गायकों ने भजन सोनागिर के चंद्रप्रभु भक्तों पर बरासते है कृपा……, चंद्रप्रभु के दरबार में बनते हैं बिगडे़ काम, कलश ढारो रे ढारो नर नारि, छोटे बाबारे पाधरो मोरे अंगना रे जैसे शानदार भजनों पर महामस्तकाभिषेक मेले में आए भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम में दिल्ली, आगरा, भोपाल, इंदौर, झांसी, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, राजस्थान, गुना, पंजाब, हरियाणा से श्रद्धालुगण सोनागिर पहुंचे थे।

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