रतलाम में ड्रग माफिया पर बड़ा एक्शन : एमडीएमए फैक्ट्री का भंडाफोड़, लाखों का नशा और वाहन जब्त

भोपाल/रतलाम : मध्यप्रदेश पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए रतलाम जिले में अंतर्राज्यीय ड्रग नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है। बीते दो दिनों में की गई लगातार कार्रवाई में पुलिस ने न केवल तस्करों को गिरफ्तार किया, बल्कि एक संगठित सिंथेटिक ड्रग निर्माण तंत्र का भी पर्दाफाश किया है। इस पूरी कार्रवाई में एमडीएमए (MDMA), ब्राउन शुगर सहित बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 80 लाख रुपये आंकी गई है।

पोल्ट्री फार्म की आड़ में चल रही थी ड्रग फैक्ट्री : 31 मार्च को थाना पिपलोदा क्षेत्र के ग्राम बोरखेड़ा में पुलिस ने दबिश देकर अवैध एमडीएमए निर्माण फैक्ट्री का खुलासा किया। यह फैक्ट्री एक पोल्ट्री फार्म की आड़ में संचालित की जा रही थी। मौके से करीब 175 किलोग्राम रासायनिक पदार्थ, 200 ग्राम तैयार एमडीएमए, गैस सिलेंडर, हीट गन, स्टोव और अन्य उपकरण जब्त किए गए। इस कार्रवाई में करीब 24 लाख रुपये की सामग्री बरामद हुई।

पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी जमशेद खान उर्फ जमशेद लाला को गिरफ्तार किया है, जो एक बड़े अंतर्राज्यीय ड्रग नेटवर्क का संचालक बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ड्रग निर्माण के लिए रसायन राजस्थान के प्रतापगढ़ क्षेत्र से मंगाए जाते थे और तैयार माल की सप्लाई अन्य राज्यों में की जा रही थी।

फोरलेन पर घेराबंदी, 500 ग्राम एमडी के साथ तीन गिरफ्तार : इसके पहले 29 मार्च को थाना रिंगनोद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर फोरलेन रोड पर घेराबंदी कर एक बोलेरो पिकअप वाहन से 500 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की। इसकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने इस दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और वाहन समेत कुल 55 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की।

ब्राउन शुगर के साथ एक और आरोपी पकड़ाया : इसी दिन की एक अन्य कार्रवाई में पुलिस ने 100 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ एक आरोपी को मोटरसाइकिल सहित गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में करीब 1.5 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई।

लगातार कार्रवाई से उजागर हो रहा संगठित नेटवर्क : गौरतलब है कि रतलाम जिले में इससे पहले भी ड्रग निर्माण से जुड़े मामलों का खुलासा हो चुका है, जिससे यह संकेत मिलता है कि क्षेत्र में संगठित रूप से नशे का नेटवर्क सक्रिय था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर अन्य आरोपियों तक पहुंचने और सप्लाई चेन को पूरी तरह ध्वस्त करने की दिशा में जांच कर रही है।

मध्यप्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की कार्रवाई न केवल अपराधियों के मनोबल को तोड़ती है, बल्कि समाज में नशे के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी देती है।

Share

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
error: Content is protected !!