BJP का बड़ा एक्शन : दतिया जिलाध्यक्ष सहित पूरी जिला कार्यकारिणी भंग, मंडल-मोर्चों तक के पदाधिकारी भी पार्टी से बाहर!

दतिया | दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद पार्टी संगठन ने बड़ा फैसला लेते हुए भाजपा जिला दतिया की मौजूदा संगठनात्मक संरचना को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। भाजपा प्रदेश कार्यालय से 4 अगस्त को जारी पत्र में जिला अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, जिला कार्यसमिति के साथ-साथ मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभागों की वर्तमान इकाइयों को भी पदमुक्त करने की जानकारी दी गई है।

प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश और समीक्षा समिति की अनुशंसा पर फैसला : भाजपा प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन की ओर से जारी पत्र के अनुसार, यह कार्रवाई भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल के निर्देश तथा दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणामों की समीक्षा के लिए गठित समिति की अनुशंसा के आधार पर की गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि दतिया जिले की वर्तमान संगठनात्मक संरचना तत्काल प्रभाव से भंग मानी जाएगी।

जिलाध्यक्ष से लेकर मंडल और मोर्चों तक सभी इकाइयां भंग : इस फैसले के बाद केवल जिला कार्यकारिणी ही नहीं, बल्कि जिलाध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, जिला कार्यसमिति, मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प एवं विभागों सहित जिला संगठन की सभी मौजूदा संगठनात्मक इकाइयां पदमुक्त हो गई हैं। यानी उपचुनाव में हार के बाद भाजपा ने संगठन के स्तर पर व्यापक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

हार के बाद शुरू हुआ था समीक्षा और भितरघात का दौर : गौरतलब है कि दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की हार के बाद पार्टी के भीतर चुनाव परिणाम को लेकर समीक्षा शुरू हुई थी। मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में चुनाव से जुड़े वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ हार के कारणों पर मंथन किया गया। इस दौरान चुनाव प्रबंधन, बूथ स्तर की सक्रियता और संगठनात्मक भूमिका के साथ कथित भितरघात से जुड़ी शिकायतों पर भी चर्चा की बात सामने आई थी।

आशुतोष तिवारी भी समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने चुनाव के दौरान पार्टी के भीतर कथित तौर पर हुई गतिविधियों और भितरघात से संबंधित शिकायतों का मुद्दा संगठन के सामने रखा था। इन शिकायतों से जुड़े कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग का भी उल्लेख होने की बात सामने आई थी, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।

दो सदस्यीय समिति की अनुशंसा के बाद आया फैसला : उपचुनाव के परिणाम और संगठन से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा के लिए गठित दो सदस्यीय समिति की अनुशंसा के बाद अब भाजपा ने दतिया संगठन को भंग करने का निर्णय लिया है। इस कार्रवाई को उपचुनाव के बाद पार्टी की ओर से उठाया गया अब तक का सबसे बड़ा संगठनात्मक कदम माना जा रहा है।

कांग्रेस ने 6,016 वोटों से जीती थी सीट : दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणाम में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों के अंतर से हराया था। अंतिम राउंड की मतगणना में घनश्याम सिंह को 66,750 और आशुतोष तिवारी को 60,697 वोट मिले थे। परिणाम सामने आने के बाद ही भाजपा में हार के कारणों को लेकर मंथन शुरू हो गया था।

अब जिला संगठन के पूरी तरह भंग किए जाने के बाद दतिया भाजपा में नई संगठनात्मक टीम के गठन और नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में पार्टी नए सिरे से संगठन खड़ा करने के लिए किन चेहरों पर भरोसा जताती है, इस पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।

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