राजघाट कॉलोनी में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई : 13 सरकारी क्वार्टर कराए खाली, अवैध कब्जों पर चला अभियान

दतिया | राजघाट कॉलोनी में लंबे समय से अनधिकृत रूप से इस्तेमाल किए जा रहे शासकीय आवासों को खाली कराने के लिए मंगलवार को प्रशासन ने कार्रवाई की। एसडीएम कोर्ट से जारी अंतिम बेदखली आदेश के बाद तहसील, पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम कॉलोनी पहुंची और चिह्नित सरकारी क्वार्टरों को कब्जे से मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू की।

प्रशासन के अनुसार, पहले 15 शासकीय आवासों को खाली कराने के निर्देश दिए गए थे। इनमें से दो क्वार्टर पहले ही खाली हो चुके थे। मंगलवार को शेष 13 आवासों में अनधिकृत कब्जे की स्थिति को लेकर कार्रवाई की गई।

कुछ ने खुद खाली किए मकान : प्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुंचकर संबंधित लोगों को आवास खाली करने के निर्देश दिए। कुछ कब्जाधारियों को सामान हटाने के लिए समय दिया गया, जिसके बाद उन्होंने स्वयं क्वार्टर खाली कर दिए। वहीं, कुछ आवासों में सामान मौजूद रहने पर टीम ने उसे बाहर निकलवाया और मकानों को खाली कराया।

कार्रवाई के दौरान कुछ क्वार्टरों पर ताले भी लगे मिले। ऐसे आवासों को भी नियमानुसार खुलवाकर अंदर की स्थिति देखी गई। एक आवास पूरी तरह खाली मिला, जबकि दूसरे में सामान रखा हुआ था।

एक क्वार्टर को लेकर हुई बहस : कार्रवाई के दौरान G-24 क्वार्टर को लेकर पूर्व जनपद सदस्य एवं भाजपा नेत्री क्रांति राय और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच कुछ देर बातचीत और नोकझोंक की स्थिति बनी। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि कार्रवाई न्यायालय के आदेश के आधार पर की जा रही है।

मई में दी गई थी खाली करने की समय सीमा : सरकारी आवास खाली करने के लिए संबंधित लोगों को पहले नोटिस जारी किए गए थे। उन्हें 20 मई 2026 तक मकान खाली कर चाबी संबंधित विभाग को सौंपने का समय दिया गया था। तय समय के बाद भी कुछ आवास खाली नहीं किए गए, जिसके बाद एसडीएम एवं सक्षम प्राधिकारी की अदालत ने मध्य प्रदेश लोक परिसर बेदखली अधिनियम के तहत अंतिम आदेश जारी किया।

पुलिस बल के साथ पहुंची टीम : बेदखली की कार्रवाई के दौरान पुलिस बल के साथ नगर पालिका का मदाखलत अमला और संबंधित कर्मचारी भी मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि शासकीय आवासों को अनधिकृत कब्जे से मुक्त कराकर उन्हें पात्र अधिकारियों और कर्मचारियों के उपयोग में लाया जाना है।

कार्रवाई पूरी होने के बाद इसकी पालन रिपोर्ट एसडीएम कोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी। प्रशासन के मुताबिक, जिन आवासों पर अभी भी अनधिकृत कब्जा है, उन्हें भी न्यायालय के आदेश के अनुसार नियमानुसार खाली कराया जाएगा।

 

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