कोलकाता/नई दिल्ली। सीमा पार अवैध व्यापार और तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने पश्चिम बंगाल में एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय तस्करी साजिश को नाकाम कर दिया है। डीआरआई की टीम ने कोलकाता स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर विशेष खुफिया इनपुट के आधार पर दो कंटेनरों को रोककर 55,000 से अधिक प्रतिबंधित ई-सिगरेट बरामद की हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त की गई इस अवैध खेप की अनुमानित कीमत 13.50 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
अधिकारियों के अनुसार, दोनों कंटेनर नेपाल ट्रांजिट कार्गो के रूप में भेजे जा रहे थे, जिनमें जांच एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए माल का गलत विवरण (Misdeclaration) दर्ज किया गया था।
‘पानी के गिलास’ और ‘मिट्टी के मग’ बताकर की जा रही थी तस्करी : डीआरआई द्वारा की गई सघन तलाशी के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए:
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पहला कंटेनर: कागजों में इस कंटेनर के भीतर “पानी के कांच के गिलास” होना दर्शाया गया था। जब अधिकारियों ने कार्टन खोलकर भौतिक सत्यापन किया, तो गिलासों के बीच छिपाकर रखी गई प्रीमियम ब्रांड ‘आईजीईटी’ (IGET) की विभिन्न फ्लेवर वाली 40,000 ई-सिगरेट बरामद हुईं।
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दूसरा कंटेनर: इस कंटेनर में “मिट्टी के मग” होने का दावा किया गया था। गहन पड़ताल में घरेलू बर्तनों के बीच अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों—वीटीवी (VTV), वोको (Vooko), बैंग (Bang) और ईजॉय (Ejoy)—की लगभग 15,000 हाई-एंड ई-सिगरेट की खेप मिली।
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कंटेनर व माल जब्त: सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत दोनों कंटेनरों सहित समूचे 55,000 ई-सिगरेट के स्टॉक को तत्काल प्रभाव से जब्त कर आयात-निर्यात सिंडिकेट के भारतीय व विदेशी संपर्कों की पड़ताल शुरू कर दी गई है।
भारत में पूर्ण प्रतिबंधित हैं वेप्स; इस वर्ष 120 करोड़ का माल पकड़ाया : देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा और युवाओं को निकोटीन की लत से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने ‘इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019’ लागू किया है। इसके अंतर्गत ई-सिगरेट और सभी इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन वितरण प्रणालियों (ENDS) के उत्पादन, आयात, निर्यात, परिवहन, भंडारण, बिक्री और विज्ञापन पर पूर्ण प्रतिबंध है।
डीआरआई के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान तस्करी पर शिकंजा कसते हुए महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के प्रमुख बंदरगाहों, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (ICD) से अब तक लगभग 3,00,000 ई-सिगरेट जब्त की जा चुकी हैं, जिनकी कुल बाजार कीमत 120 करोड़ रुपये से अधिक है।

