नई दिल्ली। कृषि क्षेत्र में प्रक्रियाओं को सरल और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार कई अहम बदलावों पर काम कर रही है। हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में कृषि मंत्रालय ने लाइसेंसिंग, उर्वरक मंजूरी, आयात व्यवस्था और डिजिटल सेवाओं से जुड़े सुधारों पर चर्चा की।
जानकारी के मुताबिक, घरेलू उपयोग वाले कीटनाशकों की बिक्री और भंडारण के लिए लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है। आवेदन प्रक्रिया में दस्तावेजों की संख्या घटाई गई है, जबकि उत्पादों की जानकारी के लिए पारंपरिक कागजी पर्चियों की जगह QR कोड आधारित व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे लाखों छोटे दुकानदारों और विक्रेताओं को सुविधा मिलेगी।
वहीं, नए उर्वरकों के पंजीकरण से जुड़ी प्रक्रिया को भी कम जटिल बनाने पर जोर दिया गया है। इससे कृषि क्षेत्र में नई तकनीक वाले उत्पादों की मंजूरी तेजी से हो सकेगी और बाजार तक उनकी पहुंच आसान होगी।
आयात प्रक्रिया हुई डिजिटल, कस्टम सिस्टम से जुड़ा कृषि नेटवर्क : कृषि उत्पादों के आयात को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए देशभर के कस्टम पोर्ट्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। इसके बाद कई अनुमतियों और दस्तावेजों की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जा सकेगी, जिससे समय की बचत होने की संभावना है।
AI आधारित प्लेटफॉर्म पर एक जगह मिलेगी खेती से जुड़ी जानकारी : किसानों को अलग-अलग पोर्टल्स पर जानकारी खोजने की परेशानी कम करने के उद्देश्य से AI आधारित कृषि सूचना प्लेटफॉर्म की समीक्षा भी की गई। इस व्यवस्था के जरिए खेती, योजनाओं और कृषि संबंधी जरूरी जानकारियां एक मंच पर उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
प्रक्रियाओं को तेज और आसान बनाने पर जोर : सरकार का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य किसानों, व्यापारियों और कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों के लिए व्यवस्था को अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनाना है। आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में तकनीक आधारित बदलावों पर और तेजी से काम होने की संभावना जताई जा रही है।

