नई दिल्ली/गुवाहाटी। पूर्वोत्तर सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने दो अलग-अलग अभियानों में 76 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन (ड्रग्स) की गोलियां बरामद की हैं। तस्करों ने प्रतिबंधित खेप को वाहनों के भीतर विशेष रूप से बनाए गए गुप्त चेंबरों में छिपा रखा था। डीआरआई ने एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत दोनों वाहनों को जब्त करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
असम-मणिपुर सीमा पर 12-पहिया ट्रक से 56 किलो ड्रग्स बरामद : पहली कार्रवाई 25 अगस्त को असम-मणिपुर सीमा के पास लालपानी क्षेत्र में की गई। डीआरआई की टीम ने असम राइफल्स (38वीं बटालियन) के जवानों के साथ मिलकर मणिपुर के जिरिबाम से आ रहे काफिले में शामिल एक संदिग्ध 12-पहिया ट्रक को रोका।
सघन तलाशी के दौरान केबिन में चालक की सीट के पीछे बनी गुप्त जगह से 1-1 किलोग्राम के 36 पैकेट और 200-200 ग्राम के 100 छोटे पैकेट मिले। इनमें करीब 56 किलोग्राम गुलाबी-नारंगी रंग की मेथम्फेटामाइन गोलियां भरी हुई थीं।
मिजोरम में कार के पैनल और फ्यूल टैंक के पास छिपाई थी 20 किलो खेप : इससे पहले 18 अगस्त को आइजोल-चम्फाई मार्ग पर स्थित बंग बंगला क्षेत्र में एक कार को रोककर तलाशी ली गई। शातिर तस्करों ने कार के दोनों तरफ के साइड सिल/रॉकर पैनल और फ्यूल टैंक व फर्श के बीच खास गड्ढे बनाकर 64 पैकेट छिपाए हुए थे।
जांच में इनसे 20 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन की गोलियां बरामद हुईं। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि यह खेप म्यांमार से जोखावथर-चम्फाई सेक्टर के रास्ते भारतीय सीमा में लाई गई थी।
एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई : फील्ड टेस्ट किट से जांच के दौरान दोनों ही मामलों में बरामद सामग्री के सिंथेटिक मनोउत्तेजक (मेथम्फेटामाइन) होने की पुष्टि हुई। डीआरआई ने कुल 76 किलोग्राम नशीली गोलियां व दोनों वाहनों को सीज करते हुए दोनों चालकों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एजेंसी अब इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट के अन्य संपर्कों की पड़ताल में जुटी है।

