भोपाल : मध्यप्रदेश पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत राजगढ़ और मंदसौर जिलों में दो अलग-अलग बड़ी कार्रवाइयाँ की हैं। इन कार्रवाइयों में एमडी ड्रग्स के निर्माण में प्रयुक्त भारी मात्रा में केमिकल, तैयार मादक पदार्थ और उत्पादन से जुड़े उपकरण जब्त किए गए हैं। दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
राजगढ़ में जंगल से भारी मात्रा में केमिकल बरामद : राजगढ़ जिले के थाना माचलपुर क्षेत्र में पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम आदमपुरा के जंगल क्षेत्र में खेत की एक खंती में एमडी ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक पदार्थ छिपाए गए हैं। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी ली।
तलाशी के दौरान खंती से पांच नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम बरामद किए गए, जिनमें सफेद रंग का क्रिस्टलनुमा रासायनिक पाउडर भरा हुआ था। प्रारंभिक जांच में यह एमडी ड्रग्स के निर्माण में प्रयुक्त केमिकल पाया गया। कुल वजन 266.9 किलोग्राम निकला, जिसकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत लगभग पांच करोड़ रुपये आंकी गई है।
इस मामले में जब्त सामग्री को थाने में सुरक्षित रखा गया है और ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश जारी है।
मंदसौर में एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का खुलासा : मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र में पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम सुरजना स्थित एक खेत के कुएं के पास एमडी ड्रग्स का निर्माण किया जा रहा है। पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी, जहां दो लोग नशीला पदार्थ बनाते हुए पकड़े गए।
मौके से 102 ग्राम एमडी ड्रग्स, 12 किलो 610 ग्राम केमिकल मिश्रण, 3 किलो 540 ग्राम तरल पदार्थ, 680 ग्राम सफेद केमिकल पाउडर और उत्पादन में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद किया गया। इसके साथ गैस सिलेंडर, सेंट्रीफ्यूज मशीन, भट्टी, स्टील के बर्तन, बिजली के तार और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उनके संपर्कों व नेटवर्क की जांच की जा रही है।
ड्रग्स नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई : पुलिस अधिकारियों के अनुसार अवैध मादक पदार्थों के निर्माण, तस्करी और वितरण से जुड़े मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इन दोनों मामलों से यह स्पष्ट हुआ है कि ड्रग्स नेटवर्क अलग-अलग इलाकों में सक्रिय है, जिसे तोड़ने के लिए तकनीकी और जमीनी स्तर पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
आने वाले दिनों में ऐसे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए पूछताछ और डेटा विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई और तेज की जाएगी।


