भोपाल : मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़ी कई अहम योजनाओं को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 26 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा लोक निर्माण विभाग के कार्यों के लिए रखा गया है। आगामी वर्षों में सड़क, भवन और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए 26,311 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
सरकार ने शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी बड़ा निर्णय लेते हुए पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति राशि में भारी बढ़ोतरी की है। अब यह राशि 1,550 रुपये से बढ़ाकर सीधे 10 हजार रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। साथ ही छात्रगृह योजना में संशोधन करते हुए हर साल 100 नए विद्यार्थियों को इसका लाभ देने का प्रावधान किया गया है, जिससे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।
कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में शाजापुर जिले की लखुंदर उच्च दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को 155 करोड़ 82 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से शाजापुर और उज्जैन के कुल 24 गांवों के लगभग 9,200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। भोपाल स्थित गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में पीजी सीट वृद्धि और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए 79 करोड़ 16 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। वहीं रीवा के श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विस्तार के लिए 174 करोड़ 80 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
महिला एवं बाल विकास के अंतर्गत प्रदेश की 38,901 आंगनवाड़ी भवनों में बिजली सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 80 करोड़ 41 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस पहल से बच्चों और महिलाओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और योजनाओं का संचालन अधिक प्रभावी होगा।
कुल मिलाकर, मंत्रि-परिषद के ये फैसले प्रदेश में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास को नई गति देने वाले माने जा रहे हैं।

