बारां | राजस्थान दौरे पर पहुंचे केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। बारां में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उन्होंने 2 लाख 89 हजार 355 नए पक्के मकानों की स्वीकृति से संबंधित पत्र मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सौंपा। इन आवासों पर करीब ₹3,473 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान कृषि उन्नति और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) से जुड़े कार्यों के लिए भी राजस्थान को ₹340.59 करोड़ की स्वीकृति दी गई।
करीब 29 लाख नए लाभार्थियों का सर्वे : केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 29,13,749 नए संभावित लाभार्थियों का सर्वे पूरा किया गया है। पात्रता के भौतिक सत्यापन के बाद जिन परिवारों को योजना के लिए योग्य पाया जाएगा, उन्हें भी आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को पंचायत और जिला स्तर पर लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक करने, आपत्तियों की सुनवाई करने और पात्र परिवारों के नाम किसी गलत कारण से सूची से बाहर न होने देने के निर्देश दिए।
PM आवास योजना में पात्रता के नियमों में बदलाव : शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से जुड़े पात्रता नियमों में बदलाव की जानकारी भी दी। इसके तहत—
- दोपहिया वाहन रखने वाले परिवार भी अब योजना के दायरे में आ सकेंगे।
- परिवार की मासिक आय सीमा ₹15 हजार तक होने पर भी आवास का लाभ मिल सकेगा।
- छोटे किसानों के लिए भी पात्रता का दायरा बढ़ाया गया है। 5 एकड़ तक असिंचित अथवा 2.5 एकड़ तक सिंचित भूमि रखने वाले पात्र परिवारों को भी आवास सहायता मिल सकेगी।
राजस्थान में 32 लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य : महिला स्वावलंबन को लेकर भी केंद्रीय मंत्री ने बड़ा लक्ष्य रखा। उन्होंने बताया कि राजस्थान में अब तक करीब 16 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। अब इस संख्या को बढ़ाकर 32 लाख करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए विभिन्न बैंकों के माध्यम से अब तक करीब ₹13,400 करोड़ की राशि उद्यम और स्वरोजगार से जुड़े कार्यों के लिए उपलब्ध कराई गई है।
पंचायत स्तर पर गांवों के विकास पर जोर : चौहान ने विकसित भारत-जी राम जी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान में अगले नौ महीनों के दौरान करीब ₹12 हजार करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। योजना के जरिए पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को गति देने की बात कही गई।
उन्होंने कहा कि गांवों की प्राथमिकताएं स्थानीय स्तर पर तय हों और पंचायतों की भागीदारी से विकास कार्य आगे बढ़ें।
किसानों को ₹266 में मिलती रहेगी यूरिया की बोरी : किसानों को खाद की उपलब्धता को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत अधिक होने के बावजूद सरकार किसानों पर इसका पूरा भार नहीं डाल रही है। करीब ₹3,000 मूल्य की यूरिया की बोरी किसानों को ₹266 में उपलब्ध कराने की व्यवस्था जारी रखने की बात उन्होंने कही।
उन्होंने खाद की कालाबाजारी और अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई का भी भरोसा दिलाया।
नकली बीज और कीटनाशकों पर सख्ती के संकेत : केंद्रीय मंत्री ने नकली कीटनाशक और खराब गुणवत्ता वाले बीजों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि मौजूदा कानूनों में बदलाव की जरूरत है और आगामी संसद सत्र में पेस्टिसाइड एवं सीड एक्ट से जुड़े नए प्रावधान लाने की दिशा में काम किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराने के साथ मिलावट और फर्जीवाड़े पर प्रभावी नियंत्रण करना है।

