Datia News : दतिया। देश को मजबूत बनाने के लिए हमें एक नशा मुक्त समाज का निर्माण करना है। नशे का दुष्प्रभाव सिर्फ उस व्यक्ति को तबाह नहीं करते जो इसके आदी होते हैं बल्कि यह परिवार, समाज और देश को भी जर्जर करते है। यह बात न्यायाधीश स्वाती चौहान ने गुरूवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दतिया द्वारा समर्पण नशा मुक्ति केंद्र में आयोजित विधिक जागरुकता शिविर के दौरान कही। शिविर का आयोजन जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष सुनीता यादव एवं अपर जिला न्यायाधीश व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुकेश रावत के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी अंकिता शांडिल्य ने कहाकि हमें लोगों को नशा का आदि होने से रोकना होगा, अगर आज हम नशे का आदी होने से एक व्यक्ति को रोक पाते हैं तो हम एक परिवार को नष्ट होने से बचाने में भूमिका अदा करेंगे। नशे का बार-बार सेवन किए जाने से व्यक्ति के शारीरिक तथा मानसिक कार्यकलापों पर हानिकारक प्रभाव पड़ने लगता है, तब इसे ड्रग एडिक्शन कहा जाता है।
उन्होंने कहाकि नशा मुक्ति के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। ताकि समाज में जागरुकता आ सके और लोगों को यह बात समझ आए कि नशे के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ सामाजिक और शारीरिक नुकसान भी हो रहा है। इसके लिए उन परिवारों के लोगों से संपर्क किया जा सकता है, जिनके सदस्य नशे की लत में पड़ चुके हैं। इस अवसर पर समर्पण नशा मुक्ति केंद्र के संचालक सचिन भार्गव, विनोद मिश्र सामाजिक न्याय विभाग दतिया आदि उपस्थित रहे।


