लॉर्ड्स के टेस्ट ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कर रचा इतिहास, बुंदेलखंड की बेटी क्रांति गौड़ का मुख्यमंत्री निवास में भव्य सम्मान

भोपाल | मध्यप्रदेश की स्टार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और बुंदेलखंड की बेटी क्रांति गौड़ की शानदार उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित संवाद भवन में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में उनका सम्मान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने क्रांति गौड़ को कुल 5 लाख रुपए की सम्मान राशि प्रदान की। साथ ही उनके पिता नरसिंह और भाई महेंद्र सिंह को भी सम्मानित किया गया।

लॉर्ड्स के टेस्ट ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराकर रचा इतिहास : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्रांति गौड़ को खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से 3 लाख रुपए का चेक और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इसके अलावा लॉर्ड्स के ऐतिहासिक क्रिकेट मैदान पर शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 विकेट लेने की उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री ने अपनी ओर से 2 लाख रुपए की अतिरिक्त सम्मान राशि प्रदान की।

क्रांति गौड़ ने लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित ‘टेस्ट ऑनर्स बोर्ड’ पर अपना नाम दर्ज कराकर देश और मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है। इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनकी जमकर सराहना की।

मुख्यमंत्री बोले- हमारी बेटियां किसी से कम नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, खेल सुविधाएं और आधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर मध्यप्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हमारी बेटियां किसी से कम नहीं हैं। मध्यप्रदेश की बेटी क्रांति गौड़ ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर पूरे देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने क्रांति को प्रदेश की ‘लाड़ली बिटिया’ और ‘छोटी बहन’ बताते हुए कहा कि वह मध्यप्रदेश में नई खेल क्रांति लेकर आई हैं।

संघर्षों के बीच पूरा किया टीम इंडिया की ब्लू जर्सी पहनने का सपना : सम्मान समारोह के दौरान क्रांति गौड़ ने क्रिकेट खिलाड़ियों और मध्यप्रदेश खेल अकादमी के युवा खिलाड़ियों से संवाद भी किया। उन्होंने अपने संघर्षों को याद करते हुए बताया कि बचपन से ही उनका सपना टीम इंडिया की ब्लू जर्सी पहनना था।

क्रांति ने कहा कि बुंदेलखंड के एक छोटे से गांव से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मंच तक का सफर उनके माता-पिता और परिवार के सहयोग के बिना संभव नहीं था। उन्होंने बताया कि परिवार ने मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद उनके सपने को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया और उन्होंने भी लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार मेहनत जारी रखी।

‘देश और अपनों के लिए कुछ कर गुजरना था’ : क्रांति गौड़ ने कहा कि उनके जीवन में कई मुश्किल दौर आए, लेकिन उन्होंने कभी अपने लक्ष्य से पीछे हटने का फैसला नहीं किया। उन्होंने ठान लिया था कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, उन्हें देश और अपने परिवार के लिए कुछ कर दिखाना है।

क्रांति की इस उपलब्धि को बुंदेलखंड और मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण माना जा रहा है। उनकी सफलता प्रदेश की युवा बेटियों के लिए भी प्रेरणा बनी है।

खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर सरकार का जोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में ‘खेलो बढ़ो अभियान’ के तहत सांसद कप और विधायक कप जैसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से विधानसभा और तहसील स्तर तक खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।

कार्यक्रम में खेल एवं युवक कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, खेल सचिव संजीव सिंह, संचालक खेल एवं युवक कल्याण अंशुमान सिंह यादव सहित खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में खिलाड़ी मौजूद रहे।

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