मेल-मिलाप और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना मालवा उत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव,कलाकारों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मेले और उत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं होते, बल्कि ये समाज में मेल-मिलाप, आत्मीयता और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं। इंदौर में आयोजित मालवा उत्सव को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह आयोजन वर्षों से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊर्जा दे रहा है।

रजत जयंती वर्ष में आयोजित इस उत्सव में देशभर से आए कलाकारों ने लोक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों का मन मोह लिया। भांगड़ा, गरबा और पारंपरिक लोक नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को उत्साह और उल्लास से भर दिया।

छोटे व्यापारियों और कलाकारों को मिलता है बड़ा मंच : मुख्यमंत्री ने कहा कि मालवा उत्सव जैसे आयोजन छोटे दुकानदारों, हस्तशिल्प कलाकारों, झूला संचालकों और स्थानीय व्यापारियों के लिए आर्थिक गतिविधियों का बड़ा अवसर बनते हैं। ऐसे आयोजनों से स्थानीय बाजार और रोजगार को भी मजबूती मिलती है।

उन्होंने लोक संस्कृति मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए संस्था को 5 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा भी की।

“मैंगो जत्रा” में हापुस आमों की रही खास चर्चा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर के ग्रामीण हाट बाजार परिसर में आयोजित तीन दिवसीय “मैंगो जत्रा” में भी शामिल हुए। यहां महाराष्ट्र के देवगढ़ और रत्नागिरी से आए प्रसिद्ध हापुस (अल्फांसो) आम आकर्षण का केंद्र बने रहे।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर किसानों और उत्पादकों से संवाद किया तथा उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन किसानों को सीधे ग्राहकों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं, जिससे उन्हें बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल रहा है।

किसानों को प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा : कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 24 आम उत्पादक किसानों को 11-11 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

आम से बने उत्पाद और हस्तशिल्प बने आकर्षण : मैंगो जत्रा में आम से तैयार आइसक्रीम, शेक, मिठाइयां, अचार, आमरस, जैम और अन्य पारंपरिक उत्पादों के स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। इसके साथ ही खादी वस्त्रों और हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी ने भी लोगों का ध्यान खींचा।

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