नई दिल्ली | सहकारिता मंत्रालय के स्थापना दिवस के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर सोमवार, 6 जुलाई को नई दिल्ली के भारत मंडपम में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह इस अवसर पर सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी कई नई योजनाओं, डिजिटल पहलों और आधारभूत परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को तकनीक से जोड़ते हुए किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाना है।
232 अन्न भंडारण गोदामों का उद्घाटन, ‘सहकार वन’ परियोजना की शुरुआत : कार्यक्रम के दौरान विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत तैयार 232 नए अन्न भंडारण गोदामों का उद्घाटन किया जाएगा। इसके साथ ही अमूल और एनसीसीएफ (NCCF) की ओर से विकसित किए जाने वाले 64 एकड़ के ‘सहकार वन’ परियोजना का भूमि पूजन भी होगा। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में बीबीएसएसएल (BBSSL) की नई टिश्यू कल्चर सुविधाओं की भी आधारशिला रखी जाएगी।
50 हजार PACS होंगे डिजिटल, लॉन्च होंगी नई तकनीकी पहलें : सहकारिता मंत्रालय इस अवसर पर 50 हजार प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) को ई-पैक्स (e-PACS) में बदलने की प्रक्रिया की शुरुआत करेगा। साथ ही NCD 3.0, जियो-टैग मोबाइल एप, NDDB दूध आपूर्ति समीक्षा डैशबोर्ड और शहरी सहकारी बैंकों के लिए ‘सहकार CBS’ तथा AI आधारित ‘सहकार सहयोगी’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किए जाएंगे।
डेयरी और बीज क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा : कार्यक्रम में कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स ऑर्गनाइजेशन मल्टी-स्टेट लिमिटेड और गोमय सहकारी समिति मल्टी-स्टेट लिमिटेड का उद्घाटन किया जाएगा। वहीं बीज उत्पादन और वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से BBSSL और ICAR के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर भी होंगे। डेयरी सहकारी समितियों के लिए नई आदर्श उप-विधियां भी जारी की जाएंगी।
कई केंद्रीय मंत्री और राज्यों के प्रतिनिधि होंगे शामिल : समारोह में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह), राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, मुरलीधर मोहोल सहित विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं, डेयरी संगठनों, सहकारी बैंकों और PACS के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को मिलेगी नई गति : पिछले पांच वर्षों में सहकारिता मंत्रालय ने कृषि ऋण समितियों, डेयरी, सहकारी बैंकों और ग्रामीण संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए कई पहलें शुरू की हैं। आगामी कार्यक्रम में घोषित होने वाली नई योजनाओं और डिजिटल सुविधाओं को इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य सहकारी व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़कर किसानों, महिलाओं, युवाओं और छोटे उत्पादकों को अधिक सशक्त बनाना है।

