नई दिल्ली | 77वें गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर कर्तव्य पथ पर इस वर्ष पंचायती राज मंत्रालय की आकर्षक झांकी प्रदर्शित की जाएगी, जो केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘स्वामित्व’ योजना के परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाएगी। यह झांकी गणतंत्र दिवस 2026 के मुख्य विषय — ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ और ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम’ — के पूर्णतः अनुरूप है।
झांकी के माध्यम से यह बताया जाएगा कि किस प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय संपत्तियों के कानूनी स्वामित्व ने नागरिकों को न केवल सुरक्षा और सम्मान प्रदान किया है, बल्कि आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव भी रखी है। उल्लेखनीय है कि ‘स्वामित्व’ योजना की शुरुआत 24 अप्रैल 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी, जिसका उद्देश्य उन्नत तकनीक के माध्यम से गांवों का सर्वेक्षण और सटीक मानचित्रण करना है।
झांकी का प्रतीकात्मक स्वरूप
झांकी के अग्रभाग में एक खुली हथेली पर स्थित ग्रामीण घर संपत्ति के स्वामित्व से मिलने वाली स्थिरता और आश्वासन का प्रतीक है। आलता से सजी महिला की हथेली महिलाओं के सम्मान और स्वामित्व में उनकी भागीदारी को दर्शाती है। पारंपरिक तोरण समृद्धि का प्रतीक है, जबकि घर की चाबियाँ कानूनी कब्जे और सशक्तिकरण का संदेश देती हैं। पास में खेलते बच्चे ‘प्रॉपर्टी कार्ड’ के कारण मिली सुरक्षा और आत्मविश्वास को प्रदर्शित करते हैं।
योजना के क्रियान्वयन की जीवंत झलक : झांकी का मध्य भाग एक आदर्श ग्रामीण परिवेश प्रस्तुत करता है, जिसमें ड्रोन आधारित सर्वेक्षण, चूना मार्किंग और जमीनी गतिविधियाँ दिखाई गई हैं। यह अस्पष्ट भूमि रिकॉर्ड से डिजिटल संपत्ति मानचित्रों की ओर परिवर्तन को दर्शाता है, जिससे भूमि विवादों का समाधान, पंचायत नियोजन और भूमि के आर्थिक उपयोग को बढ़ावा मिला है।


