’70 करोड़ की बात करने वालों को 7 हजार में भी नहीं खरीदेंगे’ : डॉ. नरोत्तम मिश्रा का कांग्रेस पर पलटवार, बोले- जरूरत पड़ी तो बड़ी स्क्रीन पर दिखाएंगे सच

दतिया | दतिया विधानसभा उपचुनाव की सरगर्मियों के बीच अब सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। पूर्व विधायक राजेंद्र भारती द्वारा लगाए गए कथित 70 करोड़ रुपये का ऑफर देकर खरीदने के आरोपों पर पूर्व गृह मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने तीखा पलटवार किया। रविवार को रावतपुरा कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।

’70 करोड़ की बात करने वालों को 7 हजार में भी नहीं खरीदेंगे’ : डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि भाजपा को अच्छी तरह पता है कि किसे पार्टी में शामिल करना है और किसे नहीं। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “जो लोग 70 करोड़ रुपये में खरीदने की बात कर रहे हैं, उन्हें हम 7 हजार रुपये में भी नहीं खरीदेंगे। भाजपा ऐसे लोगों को अपने साथ जोड़ने में विश्वास नहीं रखती, जिनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता पर सवाल उठते रहे हों।”

‘जरूरत पड़ी तो CCTV फुटेज भी सार्वजनिक करेंगे’ : अपने संबोधन में डॉ. मिश्रा ने दावा किया कि जिन आरोपों को कांग्रेस प्रचारित कर रही है, वास्तविकता उससे अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक राजेंद्र भारती स्वयं भाजपा नेताओं के संपर्क में आने का प्रयास कर रहे थे और कई नेताओं के आवास तक पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि यदि इस बात से इनकार किया जाता है तो भाजपा के पास इससे जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर सार्वजनिक मंच पर दिखाया जाएगा।

 

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‘हारने के बाद भी जनता के बीच रहा’ : पूर्व गृह मंत्री ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव हारने के बावजूद उन्होंने दतिया की जनता से दूरी नहीं बनाई। उन्होंने कहा कि वे लगातार लोगों के बीच रहे और उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास करते रहे। उन्होंने यह भी कहा कि “कुछ लोग चुनाव जीतने के बाद भी जनता की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर पाए, जबकि मैं हारने के बाद भी लोगों के सुख-दुख में उनके साथ खड़ा रहा।”

विकास और जनहित के मुद्दों पर भी साधा निशाना : डॉ. मिश्रा ने आरोप लगाया कि पिछले ढाई वर्षों में दतिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को विधानसभा में प्रभावी ढंग से नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि जनहित और विकास के विषयों पर गंभीरता से काम करने के बजाय विपक्ष केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में उलझा रहा। उन्होंने दावा किया कि अपने कार्यकाल में उन्होंने दतिया के विकास, जनसमस्याओं के समाधान और क्षेत्र की पहचान को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए थे।

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