भोपाल। मुख्यमंत्री Mohan Yadav की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास और जन-कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में सड़क, स्वास्थ्य, सिंचाई, सामाजिक सुरक्षा और अधोसंरचना विकास से संबंधित योजनाओं के लिए 29 हजार 540 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई।
सरकार ने लोक वित्त पोषित योजनाओं और परियोजनाओं के परीक्षण एवं संचालन के लिए 15 हजार 598 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। वहीं शहरी एवं नगरीय मार्गों के निर्माण, उन्नयन और सुदृढ़ीकरण के लिए 6 हजार 900 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे प्रदेश में सड़क नेटवर्क को मजबूती मिलने के साथ यातायात सुविधाएं बेहतर होंगी।
वृद्धजनों की पेंशन के लिए 6116 करोड़ रुपये मंजूर : मंत्रि-परिषद ने गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले वृद्धजनों के लिए संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के निरंतर संचालन हेतु 6115.99 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को प्रतिमाह 600 रुपये पेंशन दी जाती है।
बुदनी में बनेगा मेडिकल कॉलेज : बैठक में सीहोर जिले के बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 763.40 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। यहां 100 सीट क्षमता वाला मेडिकल कॉलेज, 500 बिस्तरों का अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज और पैरामेडिकल संस्थान स्थापित किए जाएंगे।
नीमच के 22 गांवों को मिलेगा सिंचाई लाभ : नीमच जिले की खुमानसिंह शिवाजी जलाशय सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 163.95 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस परियोजना से 22 गांवों की करीब 5200 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
मंत्रियों के स्वेच्छानुदान की सीमा बढ़ी : राज्य मंत्रियों द्वारा दिए जाने वाले स्वेच्छानुदान की सीमा 16 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गई है। इससे जरूरतमंदों को अधिक आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
सड़क निर्माण कार्यों को मिलेगी गति : सरकार ने 10 करोड़ रुपये से कम लागत वाले डामरीकरण कार्यों में मूल्य समायोजन की अनुमति दी है। साथ ही MPRDC की EPC और HAM परियोजनाओं में त्रैमासिक के बजाय मासिक आधार पर दर समायोजन को मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य बिटुमेन की बढ़ती कीमतों के बीच निर्माण कार्यों को प्रभावित होने से बचाना है।
जबलपुर हाईकोर्ट के सामने बनेगी मल्टीलेवल पार्किंग : जबलपुर उच्च न्यायालय के गेट नंबर 4 और 5 के सामने प्रस्तावित मल्टीलेवल वाहन पार्किंग और बार ऑफिस निर्माण परियोजना को विभागीय सूचकांक गणना से मुक्त रखने की स्वीकृति भी मंत्रि-परिषद ने प्रदान की। परियोजना की लागत करीब 94 करोड़ रुपये बताई गई है।

