भोपाल | मध्यप्रदेश में विकास और जनकल्याण को नई रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के लिए कुल ₹38,555 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही प्रदेश के व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन को भी मंजूरी दी गई।
🚧 सड़क और आवास क्षेत्र को सबसे बड़ा हिस्सा : कैबिनेट के फैसलों में बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया गया है। सड़क निर्माण, ग्रामीण मार्गों के उन्नयन और शासकीय आवासों के रखरखाव के लिए ₹32,405 करोड़ की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है। यह प्रावधान वर्ष 2026 से 2031 तक लागू रहेगा, जिससे प्रदेश के कनेक्टिविटी नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा।
🌾 कृषि में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम : राज्य सरकार ने “दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन” को आगे बढ़ाते हुए अगले पांच वर्षों के लिए ₹2,442 करोड़ मंजूर किए हैं। इस योजना के तहत उन्नत बीज, उत्पादन वृद्धि, प्रसंस्करण और भंडारण जैसी सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसानों की आय में सुधार होने की उम्मीद है।
🧒 आंगनवाड़ी और बाल संरक्षण को मजबूती : महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत ₹2,412 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें नए आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण, अधूरे भवनों को पूरा करना और मिशन वात्सल्य के प्रभावी संचालन पर फोकस रहेगा।
💻 आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को बढ़ावा : राज्य में डिजिटल और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए ₹1,295.52 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और ई-गवर्नेंस योजनाओं का विस्तार किया जाएगा। भोपाल में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर स्थापित करने की योजना भी शामिल है।
🛍️ व्यापारियों के लिए नई पहल : प्रदेश के व्यापारिक समुदाय को सशक्त बनाने के लिए राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया जाएगा। यह बोर्ड व्यापारियों की समस्याओं के समाधान, नीतिगत संवाद और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रमुख मंच बनेगा।
📊 समग्र विकास की ओर बढ़ता मध्यप्रदेश : कैबिनेट के ये फैसले स्पष्ट संकेत देते हैं कि सरकार बुनियादी ढांचे, कृषि, सामाजिक सुरक्षा और उद्योग—चारों क्षेत्रों में संतुलित विकास की रणनीति पर काम कर रही है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा।

