कुदरत का कहर : पाकिस्तान में भूकंप से गिरी कई इमारतें, मलबे के नीचे दबे सैंकड़ों लोग, 20 की मौत, 300 घायल

Pakistan News : करांची । पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में गुरुवार को भूकंप से कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए। रिक्टर पैमाने पर 5.9 की तीव्रता वाले भूकंप ने कई इमारतों और कच्चे मकानों को धराशायी कर दिया। इससे हजारों लोग बेघर हो गए।

आपदा प्रबंधन के अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। भूकंप प्रभावित इलाकों में राहत व बचाव कार्य जारी है। सभी अस्पतालों में इमरजेंसी की घोषणा कर दी गई है।

इस्लामाबाद स्थित राष्ट्रीय भूकंप निगरानी केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र हरनाई के पास लगभग 15 किलोमीटर की गहराई पर था। शुरुआती झटके तड़के 3.20 बजे महसूस किए गए।

बलूचिस्तान के क्वेटा, सिबी, हरनाई, पिशिन, किला सैफुल्ला, चमन, जियारत और झोब में भूकंप के झटकों के बाद लोग घरों से बाहर निकल आए। सबसे अधिक लोग उत्तर-पूर्वी जिले हरनाई में हताहत हुए हैं।

अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप का केंद्र उथली गहराई पर ही था। ऐसे में अधिक नुकसान की आशंका है। हरनाई के उपायुक्त सुहैल अनवर हाशमी ने 20 लोगों की मौत की पुष्टि की है।

उन्होंने बताया कि कई लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई लोग मलबे में भी दब गए हैं। 100 से अधिक मिट्टी के मकान भी ढह गए हैं। इलाके में बिजली आपूर्ति भी निलंबित है।

पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन की भी सूचना है। समाचार पत्र डान की रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेट मीडिया पर आईं तस्वीरों में क्वेटा में भूकंप के बाद लोग सड़कों पर नजर आने लगे।

बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री जाम कमाल खान आल्यानी ने ट्वीट किया, ‘खून, एंबुलेंस, हेलीकाप्टर समेत अन्य आपातकालीन सेवाओं व आवश्यक चीजों का इंतजाम किया गया है।’ गृह मंत्री मीर जियाउल्ला लांगोवे ने बताया कि पांच-छह जिलों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है, जिसका आकलन किया जा रहा है।

2005 में भी आया था भूकंप

पाकिस्तान, भारतीय व यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के बीच और सिंधु-त्सांगपो सिवनी क्षेत्र पर स्थित है, जो हिमालय फ्रंट से लगभग 200 किलोमीटर उत्तर में है। यह भौगोलिक स्थिति इस क्षेत्र को भूंकप के लिए अतिसंवेदनशील बनाती है। पाकिस्तान में आठ अक्टूबर, 2005 को आए भीषण भूकंप में 74,000 से अधिक लोग मारे गए थे।

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