दतिया। सिद्धपीठ मां पीताम्बरा मंदिर और परिसर स्थित महाभारतकालीन प्राचीन श्री वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की सुगमता, सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर जिला प्रशासन ने नई व्यवस्थाएं लागू कर दी हैं। शनिवार सहित प्रमुख अवसरों पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने तथा दर्शन-पूजन को सुगम बनाने के उद्देश्य से तय किए गए नए दिशानिर्देश 7 सितंबर से प्रभावी हो गए हैं।
गर्भगृह में बैठकर जप करने पर पूरी तरह पाबंदी : पीठ प्रबंधक चंद्रमोहन मिश्रा के अनुसार, वनखंडेश्वर महादेव मंदिर के गर्भगृह, परिक्रमा मार्ग और प्रवेश-निकास द्वारों पर उन सभी गतिविधियों को प्रतिबंधित कर दिया गया है जिनसे आम श्रद्धालुओं के आवागमन में बाधा उत्पन्न होती थी। शिवलिंग के इर्द-गिर्द बैठकर लंबे समय तक आसन जमाकर जप या अनुष्ठान करने पर पूर्ण रोक लगा दी गई है। अब इस क्षेत्र का उपयोग केवल कतारबद्ध दर्शनार्थियों के निरंतर आवागमन के लिए ही किया जाएगा।
दान व्यवस्था में पारदर्शिता: 5 सदस्यों की निगरानी में खुलेगी पेटी : मंदिर में आने वाले चढ़ावे के प्रबंधन को पारदर्शी बनाने के लिए वनखंडेश्वर महादेव और वनखंडेश्वर हनुमान मंदिर में विशेष दानपेटियां स्थापित की गई हैं:-
● निगरानी में गणना: दानपेटी को खोलने, राशि की गिनती और संधारण की पूरी प्रक्रिया न्यूनतम 5 अधिकृत व्यक्तियों की उपस्थिति में होगी, जिसमें कम से कम एक पुजारी का होना अनिवार्य है।
● CCTV व वीडियोग्राफी: पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और सीसीटीवी कैमरों से रिकॉर्डिंग कराई जाएगी।
● संयुक्त बैंक खाता: दानराशि के विधिवत रख-रखाव के लिए संबंधित पुजारी और अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ, राजस्व) के संयुक्त नाम से बैंक खाता संचालित किया जाएगा।
अभिषेक की संख्या तय, अनुमति और क्यूआर रसीद अनिवार्य : प्रशासन ने वनखंडेश्वर महादेव के अभिषेक को लेकर भी स्पष्ट नियम निर्धारित किए हैं:
● दैनिक सीमा: सामान्य दिनों में प्रतिदिन केवल 1 अभिषेक की अनुमति होगी।
● विशेष अवसर: श्रावण मास अथवा प्रमुख पर्वों पर अधिकतम 3 अभिषेक कराए जा सकेंगे।
● प्रशासनिक स्वीकृति: निर्धारित संख्या से अतिरिक्त अभिषेक के लिए एसडीओ (राजस्व) से विधिवत पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होगा।
● डिजिटल रसीद: सभी स्वीकृत अभिषेकों के लिए पारदर्शी व्यवस्था के तहत क्यूआर (QR) कोड आधारित रसीद जारी की जाएगी।
सुरक्षा घेरा मजबूत, कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग : कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े की अध्यक्षता में मंदिर प्रबंधन और पुलिस प्रशासन के साथ हुई बैठक में तय रूपरेखा के तहत पूरे परिसर में अतिरिक्त उच्च-क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थापित कंट्रोल रूम से परिसर की 24 घंटे सतत निगरानी की जाएगी।

