नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में यमुना नदी के कायाकल्प और प्रदूषण मुक्ति की दिशा में केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को दिल्ली में यमुना शुद्धिकरण से जुड़ी 8,941 करोड़ रुपये की कुल 43 विकास परियोजनाओं (10 का लोकार्पण एवं 33 का शिलान्यास) का विधिवत शुभारंभ किया। समारोह में दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित केंद्र व राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली में सरकार के गठन के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यमुना को प्रदूषणमुक्त बनाने का जो विजन रखा था, उस पर तेजी से अमल करते हुए महज कुछ ही समय में 40 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मई 2029 से पूर्व यमुना नदी को पूरी तरह निर्मल और स्वच्छ बना दिया जाएगा।
चार सरकारों का साझा रोडमैप: सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट पर लगेगी रोक : यमुना नदी के प्रदूषण को जड़ से समाप्त करने के लिए अंतर्राज्यीय समन्वय की रणनीति तैयार की गई है:
-
चार राज्यों का संयुक्त प्रयास: केंद्र, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश—चारों स्थानों पर डबल इंजन सरकार के समन्वय से एक समयबद्ध रोडमैप पर काम किया जा रहा है, ताकि तीनों राज्यों से आने वाले गंदे नालों और औद्योगिक रसायनों को पूर्णतः शोधित किया जा सके।
-
आधुनिक एसटीपी और सीवर नेटवर्क: ₹8,941 करोड़ की लागत वाली इन परियोजनाओं में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) का उन्नयन, नए डीसेंट्रलाइज्ड एसटीपी पंपिंग स्टेशन, सीवर रिहैबिलिटेशन, टैपिंग और हर घर को सीवरेज कनेक्शन से जोड़ने के कार्य शामिल हैं, जिससे लाखों लीटर शोधित जल ही नदी में प्रवाहित हो।
-
डेयरी कचरे पर नियंत्रण: पिछले 30 वर्षों में दिल्ली की डेयरियों से रोजाना लगभग 2,000 टन गोबर और अनुपचारित अपशिष्ट यमुना में बहाया जाता रहा, जिसे अब वैज्ञानिक प्रबंधन के दायरे में लाया गया है।
कूड़े के पहाड़ों में 40 मीटर तक गिरावट, 100 एकड़ जमीन कचरा मुक्त : राजधानी के लैंडफिल साइट्स (कूड़े के पहाड़ों) को समाप्त करने के लिए चलाए जा रहे अभियानों की प्रगति साझा करते हुए गृह मंत्री ने कहा:
-
2.17 करोड़ टन कचरे का निस्तारण: दिल्ली सरकार ने केंद्र की मदद से 2.17 करोड़ मीट्रिक टन कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण कर 100 एकड़ बहुमूल्य भूमि को मुक्त कराया है।
-
ऊंचाई में भारी कमी: ओखला और भलस्वा लैंडफिल साइट्स पर कचरे के ढेर 30 से 40 मीटर और गाजीपुर में 10 से 15 मीटर तक नीचे आ चुके हैं। अगले दो वर्षों में इन स्थानों को हरित उद्यानों (बगीचों) में बदल दिया जाएगा।
-
रिवरफ्रंट और हरित गलियारे: सराय काले खां और आईटीओ के निकट असिता ईस्ट, बांसेरा और वासुदेव घाट जैसे विश्वस्तरीय सांस्कृतिक व पर्यावरण अनुकूल रिवरफ्रंट विकसित किए गए हैं।
विपक्ष के दोहरे मापदंड और नकारात्मक राजनीति पर प्रहार : केंद्रीय गृह मंत्री ने चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने वाले विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार किया:
-
संस्थाओं पर सवाल उठाने की प्रवृत्ति: अमित शाह ने कहा कि जब विपक्ष केरल, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश या तमिलनाडु में चुनाव जीतता है, तब चुनाव आयोग, मतदाता सूची और ईवीएम सब सही होते हैं; लेकिन जहां वे पराजित होते हैं, वहां ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने लगते हैं। यही दोहरा रवैया अदालतों के फैसलों को लेकर भी दिखता है।
-
जनादेश और घुसपैठिए: उन्होंने कहा कि विपक्ष वोट चोरी का भ्रामक शोर मचाकर दरअसल घुसपैठियों के वोट बैंक को बचाना चाहता है। पड़ोसी राज्यों से कैडर इकट्ठा कर दिल्ली में प्रदर्शन करने से जनता के जनादेश को नहीं झुठलाया जा सकता।
-
पंजाब से 2029 तक नशा मुक्ति का संकल्प: पंजाब की कानून व्यवस्था पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में पनपे नशे के अवैध कारोबार को वर्ष 2029 तक पूरी तरह समाप्त किया जाएगा।

