भोपाल/दतिया : कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को हाल ही में मिली तीन साल की सजा के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। गुरुवार देर रात विधानसभा परिसर में अचानक बढ़ी गतिविधियों ने इस पूरे घटनाक्रम को और भी संवेदनशील बना दिया। जानकारी के अनुसार, विधानसभा के प्रमुख सचिव के देर रात कार्यालय पहुंचने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
इस घटनाक्रम की सूचना मिलते ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा सहित अन्य कांग्रेस नेता भी तत्काल विधानसभा पहुंचे। नेताओं ने प्रमुख सचिव के कक्ष में जाकर उनसे मुलाकात की और देर रात कार्यालय आने के कारणों को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि परिस्थितियां असामान्य थीं और इससे संदेह की स्थिति बनी।
कांग्रेस ने जताई कार्रवाई की आशंका
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि रात के समय विधानसभा सचिवालय को खोलने के पीछे विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता को लेकर कोई त्वरित निर्णय लेने की तैयारी हो सकती है। उनका कहना है कि जब अदालत ने अपील के लिए 60 दिन का समय दिया है, तब इस प्रकार की जल्दबाजी उचित नहीं मानी जा सकती।
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि सामान्य दिनों में विधानसभा का कामकाज नियमित समय में ही होता है, ऐसे में देर रात कार्यालय खुलना कई तरह के संकेत देता है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस इस मामले पर नजर बनाए हुए है और किसी भी एकतरफा कार्रवाई का विरोध किया जाएगा।
दिल्ली से लौटे थे प्रमुख सचिव, अटकलें तेज : बताया जा रहा है कि विधानसभा के प्रमुख सचिव दिन में दिल्ली में एक बैठक में शामिल होने के बाद ही भोपाल लौटे थे। उनके लौटने के तुरंत बाद हुई इस गतिविधि ने अटकलों को और बल दे दिया है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, अब यह संभावना जताई जा रही है कि विधानसभा अध्यक्ष स्तर पर विधायक की सदस्यता को लेकर कोई निर्णय लिया जा सकता है।
हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, लेकिन घटनाक्रम ने प्रदेश की सियासत को एक बार फिर गरमा दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

