Datia News : दतिया । उपभोक्ता के सामने विद्युत कंपनी ने स्पाॅट बिलिंग की प्रकिया शुरू कर दी है। जिले में बिजली बिल की राशि बढ़कर आने के मामलों देखते हुए यह व्यवस्था शुरू की गई। विद्युत वितरण कंपनी का मानना है कि इससे बिल संबंधी शिकायतें लगभग समाप्त ही हो जाएंगी। कोरोना काल में सर्वाधिक शिकायत इस संदर्भ में विद्युत वितरण कंपनी को मिली थी। स्पाॅट बिलिंग प्रक्रिया में जहां मीटर रीडिंग के साथ ही उपभोक्ताओं को बिजली यूनिट की खपत और कुल बिल का राशि तुरंत मालूम पड़ जाया करेगा, वहीं दूसरी ओर बिल बांटने का काम भी कम हो जाएगा। इसके बावजूद आंकलित बिलों को लेकर अभी भी कोई निराकरण नहीं हो पाया है। वह समस्या जस की तस बनी हुई है।
जिले में जून माह से स्पाॅट बिलिंग की प्रक्रिया को अपनाया गया है। इसके तहत विद्युत उपभोक्ता के सामने ही रीडिंग ली जाएगी और उस रीडिंग को बिल वाली मशीन में डाला जाएगा। इसके साथ संबंधी उपभोक्ता का कंज्यूमर नंबर डालते ही पुरानी रीडिंग आ जाएगी। इसके बाद नई रीडिंग से पुरानी रीडिंग को घटाकर कुल यूनिट खर्च के साथ विद्युत अधिभार तथा मीटर किराया आदि सहित अन्य सभी कर और सरचार्ज जुड़कर बिल के साथ आ जाया करेगा। इस प्रकार से उपभोक्ता को कुल बिल की देयक राशि तुरंत मालूम पड़ जाएगी।
इसके साथ ही बिल बनाने की प्रक्रिया से भी कंपनी को छुटकारा मिल जाएगा। इससे समय की भी काफी बचत होगी। वर्तमान में ग्वालियर में स्पाॅट बिलिंग व्यवस्था शुरू की गई है। दतिया शहर में लगभग 20 हजार विद्युत कनेक्शन है। इनमें से घरेलू और व्यवसायिक तथा अस्थाई कनेक्शन भी शामिल हैं। वर्तमान में कोरोना काल के दौरान कई मामले ज्यादा बिल आने से संबंधी आए हैं। इसे लेकर विद्युत वितरण कंपनी ने अब स्पाॅट बिलिंग योजना की शुरुआत की है। आगामी माह से लोगों को स्पाॅट बिलिंग वाले बिल ही मिलेंगे।
कोरोना के कारण विद्युत कंपनी के अटके 3 करोड़
एक जानकारी के अनुसार जिले में लगभग 20 हजार विद्युत कनेक्शन है। कोरोना काल और अन्य पूर्व के लंबित बिल के मामले को लेकर विद्युत कंपनी में सैकड़ों लोगों ने बिल जमा नहीं कराए। वहीं दूसरी ओर व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद होने की वजह से कमर्शियल बिलों की राशि भी जमा नहीं हो पाई हैं। ऐसी स्थिति में विद्युत वितरण कंपनी के लगभग 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अटकी हुई है। विद्युत वितरण कंपनी को प्रतिमाह 13 करोड़ रुपये विद्युत उपभोक्ताओं से प्राप्त होते हैं। जून माह के प्रारंभ में अभी तक मात्र 9 करोड़ 80 लाख रुपये ही जमा हो सके हैं। विद्युत विभाग अब शेष राशि की वसूली के लिए विद्युत उपभोक्ताओं के साथ जोर आजमाइश कर रहा है।
आंकलित बिलों से नाराज हैं उपभोक्ता
कोरोना कर्फ्यू के दौरान लगभग डेढ़ माह बंद रही दुकानों और अनेक व्यावसायिक संस्थाओं को विद्युत विभाग ने अप्रैल और मई माह का आंकलित बिल बनाकर दिए हैं। इस मामले को लेकर भी लगभग 2600 से अधिक प्रकरण विद्युत कंपनी के कार्यालय में लंबित हैं। इधर विद्युत कंपनी का कहना है कि उपभोक्ता आंकलित विद्युत बिल का पैसा जमा नहीं करवा रहे हैं, जबकि उनके जो बिल पिछले तीन माह में आए यूनिट का औसत है। अधिकारिक सूत्रों की मानें तो विद्युत का बकाया बिल जमा नहीं कराने पर ऐसे उपभोक्ताओं को पेनल्टी के साथ राशि जमा करानी पड़ेगी। जबकि व्यापारी और कुछ संस्थान संचालक चाहते हैं कि कोरोना काल का विद्युत बिल माफ कर दिया जाए। वैसे भी यह निर्णय शासन स्तर पर होना है और इसकी संभावनाए नहीं के बराबर है।
बड़े बकायेदारों से वसूले गए 80 लाख रुपये
विगत तीन माह पूर्व विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बड़े बकायेदारों से वसूली अभियान चलाया गया था। इसके तहत 80 हजार से लेकर ढाई लाख रुपये तक के व्यवसायिक व घरेलू कनेक्शनों बिल पर यह राशि बकाया थी। इस पर विद्युत वितरण कंपनी ने ऐसे बकायादारों की संपत्ति कुर्की के आदेश जिला प्रशासन से प्राप्त कर कार्रवाई शुरू की थी। इनमें से कुछ बकाया राशि का भुगतान कुर्क की गई संपत्ति से वसूल की गई है। जबकि कुछ उपभोक्ताओं ने बकाया की राशि विद्युत वितरण कंपनी को समयावधि के अंदर पेनल्टी सहित चुका दी है। इससे लगभग 80 लाख रुपये वसूले गए हैं। अभी भी इन बड़े बकायेदारों से लगभग सवा दो करोड़ रुपये की राशि और वसूल की जाना बाकी है।
इस मामले में विद्युत वितरण कंपनी दतिया के उप महाप्रबंधक ए.पी.एस. भदोरिया का कहना है कि स्थानीय स्तर पर हमने विद्युत बिलों के लिए स्पाॅट बिलिंग की व्यवस्था शुरू की है। इसके परिणाम अगले माह तक आ जाएंगे। स्पाॅट बिलिंग से उपभोक्ता को उनके सामने ही बिजली की कुल खपत व बिल की राशि मालूम पड़ जाएगी। अभी यह प्रयोग नया है, किंतु इससे कई सारी समस्याओं का निदान स्वत: हो जाएगा। ग्वालियर शहर में स्पाॅट बिलिंग की व्यवस्था शुरू कर दी गई।


