ड्रोन से जुड़ी सेवाओं में मिलेगा एक लाख लोगों को रोजगार, केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने आईएसीसी के आयोजन में जताई संभावनाएं

ग्वालियर : ड्रोन का इस्तेमाल अब कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में शुरू हो जाने के बाद इस सेक्टर में भी रोजगार की संभावना बढ़ने लगी है। मप्र के ग्वालियर में भी ड्रोन के प्रशिक्षण को लेकर नई व्यवस्था शुरू हुई है। अब इस क्षेत्र को और भी विस्तार देने की सरकार योजना बना रही है। आने वाले वर्षों में ड्रोन सेवा का विस्तार होने की पूरी संभावनाएं हैं।

इस मामले में विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी ड्रोन सेवा क्षेत्र में काफी संभावना होने की बात कही है। सिंधिया के मुताबिक अगले चार-पांच साल में ड्रोन से जुड़ी सेवाओं में एक लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। सिंधिया ने यह बात इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) के कार्यक्रम के दौरान कही।

सिंधिया ने कहाकि ड्रोन क्षेत्र के उत्पादन को लेकर एक योजना शुरू की गई है। जिसमें ड्रोन विनिर्माण उद्योग को अगले तीन वर्षों में दोगुना प्रोत्साहन देने की कार्ययोजना तैयार की गई है।

उन्होंने कहाकि ड्रोन क्षेत्र में बहुत तेजी से विस्तार हुआ है। इसके निर्माण में करीब 5 हजार करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद की जा रही है।

ड्रोन सेवा क्षेत्र में अगले पांच साल में एक लाख नौकरियां निकलने की भी संभावना है। इस क्षेत्र के विस्तार को देखते हुए इसमें रोजगार संसाधन बढ़ाने पर भी सरकार विचार कर रही है।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने भी ड्रोन निर्माण के लिए प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) पिछले वर्ष शुरू की थी। इसके जरिए ड्रोन और उसके पार्टस तैयार करने वाली कंपनियों को अगले तीन वर्षों के लिए 20 प्रतिशत तक प्रोत्साहन दिया जाएगा।

सरकार के इससे संबंधित मंत्रालय ने ड्रोन निर्माण के लिए पीएलआई योजना के तहत 14 कंपनियों काे चयनित भी किया है।

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