मां पीतांबरा पीठ के नाम पर ऑनलाइन ठगी का खुलासा : फर्जी वेबसाइट संचालक गिरफ्तार, पुलिस कर रही वित्तीय लेनदेन की जांच !

दतिया। मां पीतांबरा पीठ के नाम का कथित रूप से दुरुपयोग कर ऑनलाइन माध्यम से श्रद्धालुओं को गुमराह करने और धार्मिक अनुष्ठानों के नाम पर धनराशि लेने के मामले में दतिया पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने फर्जी वेबसाइटों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों तक पहुंच बनाकर विभिन्न धार्मिक सेवाओं का प्रचार किया था।
जानकारी के अनुसार, आरोपी सुनील शर्मा मूल रूप से राजगढ़ जिले के पचोर क्षेत्र का निवासी है और वर्तमान में आगर मालवा में रह रहा था।

पुलिस के मुताबिक आरोपी ने इंटरनेट पर मां पीतांबरा पीठ से संबंधित नाम और तस्वीरों का उपयोग करते हुए कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार किए थे। इन माध्यमों से कथित धार्मिक अनुष्ठानों और विशेष पूजा-पाठ का प्रचार कर लोगों से संपर्क किया जाता था।

पीठ प्रबंधन की शिकायत पर शुरू हुई जांच : मामले का खुलासा उस समय हुआ जब मां पीतांबरा पीठ प्रबंधन की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई। शिकायत में बताया गया कि कुछ लोग पीठ के नाम का उपयोग कर श्रद्धालुओं को भ्रमित कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस और साइबर सेल ने तकनीकी जांच शुरू की।

जांच के दौरान विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, वेबसाइटों और डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल की गई। पुलिस को मिले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की गई और उसकी गतिविधियों की निगरानी की गई।

तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हुई गिरफ्तारी : साइबर सेल की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने के बाद पुलिस टीम ने आगर मालवा में कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया। बाद में उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड प्राप्त की गई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में उपयोग किए गए बैंक खातों, ऑनलाइन भुगतान माध्यमों और वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस माध्यम से कितनी राशि प्राप्त हुई और किन-किन लोगों का इससे संबंध रहा है।

अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में : पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में कुछ अन्य कड़ियां भी सामने आई हैं, जिनकी पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों के संबंध में और जानकारी सामने आ सकती है।

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