फर्जी सिम और साइबर ठगों के नेटवर्क पर MP पुलिस का महाप्रहार: ‘ऑपरेशन FAST 2.0’ के तहत ग्वालियर, इंदौर समेत कई जिलों में ताबड़तोड़ कार्रवाई

भोपाल। मध्यप्रदेश में साइबर अपराधियों और फर्जी सिम कार्डों की अवैध सप्लाई चेन को नेस्तनाबूद करने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित राज्यव्यापी अभियान ‘ऑपरेशन FAST 2.0’ (Forged-Activated-SIM-Termination) के तहत बड़ा एक्शन लिया गया है। तकनीकी विश्लेषण और साइबर डेटा की मदद से पुलिस ने आम नागरिकों के आधार कार्ड, फोटो और बायोमेट्रिक डेटा का दुरुपयोग कर गैर-कानूनी तरीके से सिम एक्टिवेट करने वाले पीओएस (POS) एजेंटों और दलालों के गठजोड़ पर शिकंजा कसा है। इस मुहिम के तहत ग्वालियर, इंदौर, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, कटनी और झाबुआ सहित कई जिलों में एफआईआर दर्ज कर अंतर-राज्यीय सिंडिकेट से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

ग्वालियर में 9 प्रकरण दर्ज, ₹12.20 करोड़ के साइबर फ्रॉड से जुड़ी हैं कड़ियां : ग्वालियर पुलिस ने ऑपरेशन के तहत फर्जी सिम विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कुल 9 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए हैं। जांच में खुलासा हुआ कि आम उपभोक्ताओं के पहचान दस्तावेजों और बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट का दुरुपयोग कर फर्जी सिम एक्टिवेट किए गए थे। इन नंबरों का इस्तेमाल देश के अलग-अलग राज्यों में अंजाम दी गई साइबर ठगी में हुआ, जिसमें लगभग ₹12.20 करोड़ के साइबर फ्रॉड के तार जुड़े पाए गए हैं।

जिलावार बड़ी कार्रवाइयों का ब्योरा :-

  • इंदौर (जिला व राज्य साइबर सेल): इंदौर पुलिस ने 151 संदिग्ध सिमों की पहचान कर 1 आरोपी को गिरफ्तार किया, जिनके तार 212 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों से जुड़े थे। वहीं, राज्य साइबर सेल इंदौर ने एक ऐसे पीओएस एजेंट को दबोचा, जिसने ग्राहकों के केवाईसी दस्तावेजों पर स्वयं का फोटो लगाकर 101 सिम फर्जी तरीके से चालू किए थे।

  • टीकमगढ़ व छतरपुर: टीकमगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन फ्रॉड सिंडिकेट को सिम मुहैया कराने वाले 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं छतरपुर के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र में ग्राहकों के रिकॉर्ड का दुरुपयोग करने वाले 3 शातिर आरोपी दबोचे गए।

  • कटनी: कटनी में पीओएस एजेंट के पास से 98 एक्टिवेटेड सिम कार्ड, बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट मशीन और 3 मोबाइल जब्त किए गए। कुठला पुलिस ने भी फर्जी सिम रैकेट से जुड़े 3 आरोपियों को जेल भेजा।

  • सतना व झाबुआ: सतना पुलिस ने अवैध सिम पोर्टिंग गिरोह के 2 सदस्यों को सलाखों के पीछे पहुंचाया, जबकि झाबुआ में 3 पीओएस एजेंटों के खिलाफ मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी को एयरटेल लापू सिम (Airtel LAPU SIM) सहित गिरफ्तार किया गया।

पुलिस की आम नागरिकों से अपील: ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक पर बरतें सतर्कता : मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी पहचान की सुरक्षा को लेकर सजग रहें:

  • नया सिम खरीदते समय ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक प्रक्रिया केवल अधिकृत और विश्वसनीय केंद्रों पर ही कराएं।

  • अपने अंगूठे का निशान (बायोमेट्रिक) केवल एक बार ही प्रमाणित करें और किसी भी ओटीपी को खुद जांचें।

  • दूरसंचार विभाग के ‘संचार साथी’ पोर्टल (TAFCOP) पर जाकर नियमित रूप से जांचें कि आपकी आईडी पर कितने मोबाइल नंबर सक्रिय हैं।

  • अपने पहचान पत्र, दस्तावेज और आधार की प्रतियां कभी भी किसी अनजान या अनधिकृत व्यक्ति के हाथ में न सौंपें।

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