अमृतसर से अब 20 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों की राह आसान : हब एंड स्पोक मॉडल शुरू, एक ही चेक-इन और बैगेज टैग से मिलेगी निर्बाध कनेक्टिविटी

नई दिल्ली | नागर विमानन मंत्रालय ने मंगलवार को अमृतसर से हब एंड स्पोक अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन सुविधा का शुभारंभ किया। इसके साथ ही अमृतसर देश का दूसरा ऐसा ‘स्पोक एयरपोर्ट’ बन गया है, जिसे भारत के शुरुआती हब एंड स्पोक फ्रेमवर्क में शामिल किया गया है। इस पहल का उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले यात्रियों को भारतीय हवाई अड्डों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक बेहतर और निर्बाध कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।

इस मॉडल के तहत दिल्ली प्रमुख हब के रूप में काम करेगा, जबकि अमृतसर पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के यात्रियों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा का एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार बनेगा। इससे पहले 25 जून 2026 को वाराणसी से देश के पहले हब एंड स्पोक ऑपरेशन की शुरुआत की गई थी। मंत्रालय के अनुसार, वाराणसी मॉडल के तहत यात्रियों को दिल्ली के माध्यम से 18 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से जोड़ा गया और यात्रियों से इसे सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।

केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने वीडियो संदेश के माध्यम से इस पहल को भारत को वैश्विक विमानन केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि अमृतसर का प्रवासी भारतीय समुदाय से मजबूत जुड़ाव और क्षेत्र की बड़ी आबादी इसे इस मॉडल के लिए महत्वपूर्ण बनाती है।

अमृतसर में ही पूरी होंगी कई औपचारिकताएं : हब एंड स्पोक मॉडल के तहत अंतरराष्ट्रीय यात्री अमृतसर में ही चेक-इन, इमिग्रेशन और कस्टम से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कर सकेंगे। यात्रियों का सामान सीधे उनके अंतिम अंतरराष्ट्रीय गंतव्य तक भेजा जाएगा। इसके बाद दिल्ली जैसे निर्धारित हब एयरपोर्ट पर उन्हें दोबारा इमिग्रेशन या कस्टम प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी और वे अपनी अगली अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ सकेंगे।

मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में अमृतसर से केवल सात स्थानों के लिए सीधी अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी उपलब्ध है। नए मॉडल के लागू होने से दिल्ली के वैश्विक नेटवर्क का लाभ अमृतसर के यात्रियों को भी मिलेगा और वे एक ही चेक-इन तथा एक ही बैगेज टैग के माध्यम से 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक पहुंच सकेंगे।

वर्तमान में हर साल करीब 1.5 लाख यात्री अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अमृतसर से दिल्ली आते हैं, जबकि लगभग इतनी ही संख्या में यात्री विदेश से दिल्ली के रास्ते अमृतसर पहुंचते हैं। एयरलाइंस के अनुमान के मुताबिक, शुरुआती चरण में अमृतसर से दिल्ली होकर हब एंड स्पोक मॉडल से प्रतिदिन करीब 250 यात्रियों को लाभ मिलेगा। आने वाले समय में अन्य स्पोक एयरपोर्ट्स को जोड़ने के बाद यह संख्या बढ़कर प्रतिदिन करीब 1,200 यात्रियों तक पहुंचने की उम्मीद है।

पर्यटन, व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा : सरकार का मानना है कि इस पहल का लाभ केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी से पर्यटन, व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। मंत्रालय के अध्ययन के अनुसार, विमानन केंद्रों के विकास से वर्ष 2030 तक लगभग 4 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा हो सकते हैं और अर्थव्यवस्था में करीब 30 अरब अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त योगदान हो सकता है। वहीं, 2047 तक लगभग 1.6 करोड़ रोजगार और करीब 1.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के आर्थिक योगदान का अनुमान है।

हब एंड स्पोक फ्रेमवर्क भारत की अंतरराष्ट्रीय विमानन केंद्र रणनीति का अहम हिस्सा है। इसका उद्देश्य भारतीय हवाई अड्डों को वैश्विक यात्रा के पसंदीदा प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करना, भारतीय एयरलाइंस की नेटवर्क क्षमता बढ़ाना और विदेशी ट्रांजिट हब पर निर्भरता कम करना है। आने वाले महीनों में अन्य स्पोक एयरपोर्ट्स को भी चरणबद्ध तरीके से इस नेटवर्क में शामिल किया जाएगा, जिससे भारतीय हवाई अड्डों के जरिए देशभर से अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक निर्बाध कनेक्टिविटी का विस्तार हो सके।

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