दतिया । प्लाट नामान्तरण करने के एवज में 6 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में लोकायुक्त टीम ग्वालियर द्वारा रंगे हाथ गिरफ्तार किए गए इन्दरगढ हल्का पटवारी को चार वर्ष के कठोर कारावास के साथ 15 हजार रुपये अर्थदण्ड से दण्डित करने की सजा सुनाई गई है । मामला 27 जून 2016 का है। इन्दरगढ हल्का 24 के पटवारी राजेश श्रीवास्तव द्वारा रिश्वत मांगने संबंधी शिकायत तहसील क्षेत्र के ग्राम जसवंतपुर निवासी छविराम पुत्र सुल्लू कुशवाह ने की थी।
जानकारी के अनुसार 29 जनवरी 2015 को जसवंतपुर निवासी छविराम पुत्र सुल्लू कुशवाह ने अपनी पत्नी मालती देवी के नाम इन्दरगढ स्थित वार्ड 10 मडीपुरा में आराजी सर्वे नंबर 64 में से 60×64 वर्ग फीट का प्लॉट क्रय किया था । रजिस्टर्ड विक्रय पत्र सम्पादित समय सीमा उपरान्त आवेदक छविराम अपनी पत्नी मालती देवी के साथ नामांतरण कराने के लिए हल्का पटवारी राजेश श्रीवास्तव के पास गया था। जहां पटवारी राजेश श्रीवास्तव ने 6 हजार रुपये रिश्वत नामान्तरण कराने के एवज में मांगे। इस मामले में आवेदक छविराम ने 25 मई 2015 को लोकायुक्त ग्वालियर को शिकायती आवेदन देकर कार्रवाई करने की मांग की ।
आवेदक की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए वॉयस रिकॉर्डर द्वारा पटवारी की आवाज रिकार्ड की गई। जिसमें वह दो हजार रुपये लेकर अपने बैग में रखवाते हुए कह रहा है कि पूरे हो जाते तो ठीक रहता । 2 अभी दे जाओ एवं 5 हजार जल्दी देना। आवाज रिकार्डिंग के बाद लोकायुक्त विभाग द्वारा 27 जून 2016 को शिकायतकर्ता को 5 हजार के नोट देकर अभियुक्त राजेश पटवारी के इंदरगढ़ स्थित घर भेजा। जहां पटवारी राजेश ने शिकायतकर्ता से शेष पांच हजार रुपये लेकर अखबार में लपेटकर रख लिए। शिकायतकर्ता के इशारे पर विवेचक निरीक्षक नरेन्द्र त्रिपाठी द्वारा अखबार के बीच रखे नोट जप्त कर अभियुक्त के हाथ धुलवाने पर साधारण पानी का रंग गुलाबी हो गया। इस प्रकार लोकायुक्त की टीम ने पटवारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था ।
अपराध में विवेचना के बाद विशेष न्यायधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) के न्यायालय में अभियुक्त के विरुद्ध चार्जशीट प्रस्तुत की गई । न्यायालयीन प्रकरण में सम्पूर्ण सुनवाई के बाद अभियोजन की ओर से प्रस्तुत तर्कों से सहमत होते हुए अभियुक्त द्वारा रिश्वत मांगने तथा रिश्वत लेने का दोषी पाए जाने पर विशेष न्यायधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) दतिया हितेन्द्र द्विवेदी द्वारा आरोपी राजेश श्रीवास्तव को चार वर्ष का कठोर कारावास तथा 15 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित करते हुए जेल भेज दिया गया है । अभियोजन की ओर से प्रकरण में जिला लोक अभियोजन अधिकारी दतिया पुष्पेन्द्र कुमार गर्ग द्वारा अभियोजन संचालन किया गया।

