इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की पीएलआई योजना के तहत 32 कंपनियों के आवेदन को मिली मंजूर ,इस योजना से 28 हज़ार से ज्यादा लोगों को मिला रोजगार

नई दिल्ली  : परिकल्पित उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं के तहत अब तक के पहले संवितरण के अंतर्गत नीति आयोग के सीईओ की अध्यक्षता वाली अधिकार प्राप्त समिति ने आज ‘व्‍यापक स्‍तर पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण’ क्षेत्र के तहत मोबाइल बनाने या मोबाइल विनिर्माण के लिए प्रोत्साहन को मंजूरी दी।

व्‍यापक स्‍तर पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए पीएलआई योजना, जिसे केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) में अंकित किया गया है, से भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए एक प्रतिस्पर्धी गंतव्य बनाने और अधिक-से-अधिक संख्‍या में वैश्विक चैंपियन सृजित करते हुए ‘आत्मनिर्भर भारत’ को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। .

मेसर्स पैडगेट इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, जो कि अपने देश की ही एक कंपनी है, वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अपने वृद्धिशील निवेश और बिक्री आंकड़ों के आधार पर मोबाइल विनिर्माण के तहत प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए अधिकार प्राप्त समिति द्वारा अनुमोदित पहली लाभार्थी है। पैडगेट इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड दरअसल डिक्सन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड की 100% सहायक कंपनी है और नोएडा, उत्तर प्रदेश में इसकी विनिर्माण इकाइयां हैं।

‘व्‍यापक स्‍तर पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए पीएलआई योजना’ के तहत 32 लाभार्थियों को मंजूरी दी गई थी, जिनमें से 10 लाभार्थियों (5 वैश्विक और 5 घरेलू कंपनियों) को मोबाइल विनिर्माण के लिए मंजूरी दी गई थी। इस पीएलआई योजना के तहत आवेदकों ने जून 2022 में समाप्त तिमाही के दौरान 1,67,770 करोड़ रुपये की बिक्री की थी, 

जिसमें 65,240 करोड़ रुपये का निर्यात भी शामिल था। इस पीएलआई योजना से 28,636 लोगों को रोजगार भी मिला है। पिछले 3 वर्षों के दौरान निर्यात में 139% की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई है। अन्य लाभार्थियों द्वारा प्रोत्साहन प्राप्‍त करने के लिए किए गए आवेदनों पर भी शीघ्र ही स्वीकृति के लिए विचार किया जाएगा।

एमईआईटीवाई द्वारा संबंधित प्रोत्साहनों के संवितरण के लिए पेश किए गए प्रस्ताव पर अधिकार प्राप्त समिति ने विचार किया जिसमें नीति आयोग के सीईओ परमेश्वरन अय्यर, डीपीआईआईटी के सचिव अनुराग जैन, एमईआईटीवाई के सचिव अलकेश कुमार शर्मा; और व्यय विभाग, राजस्व विभाग, आर्थिक कार्य विभाग  एवं डीजीएफटी के कार्यालय के प्रतिनिधिगण शामिल थे। अधिकार प्राप्त समिति ने पीएलआई योजना के तहत चयनित लाभार्थी को प्रोत्साहन राशि के संवितरण के लिए अपनी सिफारिशें प्रस्‍तुत कीं।

‘व्‍यापक स्‍तर पर इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के लिए पीएलआई योजना’, जिसमें मोबाइल फोन का विनिर्माण करना और विशिष्ट इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का विनिर्माण करना शामिल है, को मार्च 2020 में 38,645 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ मंजूरी दी गई थी। इस योजना से 10,69,432 करोड़ रुपये का अतिरिक्त उत्पादन होने और 7,00,000 लोगों के लिए रोजगार सृजि‍त होने की उम्मीद है।

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