भारत-अमेरिका साझेदारी पर बोले पीयूष गोयल: कहा- अगले 25 साल तक दुनिया की सबसे तेज़ बढ़ती अर्थव्यवस्था रह सकता है भारत

नई दिल्ली |  केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है और दोनों देश तकनीक, निवेश, रक्षा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार जैसे क्षेत्रों में स्वाभाविक साझेदार के रूप में उभर रहे हैं। उनका कहना है कि दोनों देशों के बीच भरोसा और साझा आर्थिक हित भविष्य की आपूर्ति श्रृंखलाओं को और मजबूत बना सकते हैं।

नई दिल्ली में आयोजित एक उद्योग सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री ने बताया कि हाल के महीनों में भारत को अमेरिकी उद्योग जगत से बड़े निवेश प्रस्ताव मिले हैं। डेटा सेंटर, डिजिटल तकनीक और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में वैश्विक कंपनियां भारत को प्राथमिकता दे रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत विशाल बाजार, कुशल मानव संसाधन और मजबूत डिजिटल ढांचे के कारण निवेशकों के लिए आकर्षक केंद्र बन चुका है।

भारत की विकास गति पर जताया भरोसा : पीयूष गोयल ने विश्वास जताया कि भारत आने वाले कम से कम 25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रह सकता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकटों, युद्ध और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत की विकास दर मजबूत बनी हुई है।

उनके अनुसार, बेहतर बुनियादी ढांचा, कम लॉजिस्टिक लागत, मुक्त व्यापार समझौते और नीतिगत सुधार निवेश तथा निर्यात वृद्धि को बढ़ावा दे रहे हैं। भारत अब केवल असेंबली आधारित उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि डिजाइन, रिसर्च और बौद्धिक संपदा निर्माण का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

एमएसएमई और निर्यात को मिलेगा समर्थन : मंत्री ने कहा कि सरकार लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच दिलाने के लिए काम कर रही है। प्रस्तावित निर्यात प्रोत्साहन मिशन के जरिए छोटे उद्योगों को वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रमाणन और गुणवत्ता ढांचे में सहायता दी जा सकती है, जिससे वे वैश्विक सप्लाई चेन का हिस्सा बन सकें।

उन्होंने बड़ी कंपनियों से भी अपील की कि वे एमएसएमई को समय पर भुगतान करें, जिससे छोटे उद्योगों का नकदी प्रवाह बेहतर हो और वे तकनीक व गुणवत्ता में निवेश कर सकें।

डिजिटल और औद्योगिक बदलाव पर जोर : मंत्री के मुताबिक भारत में तेजी से 5G विस्तार, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक क्षमता केंद्रों (GCC) की बढ़ती संख्या देश की आर्थिक क्षमता को मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत अब उच्च वेतन वाले रोजगार और उन्नत तकनीकी उद्योगों के लिए बड़ा केंद्र बनने की दिशा में बढ़ रहा है।

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