नई दिल्ली | भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। नितिन नवीन को मंगलवार को पार्टी का 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुने जाने की औपचारिक घोषणा की गई। नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में हुए इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री ने नितिन नवीन को माला पहनाकर बधाई दी और उनके नेतृत्व के लिए शुभकामनाएं प्रकट कीं।
“यह पद नहीं, एक विचारधारा की जिम्मेदारी है” – नितिन नवीन : राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद नितिन नवीन ने अपने पहले संबोधन की शुरुआत “भारत माता की जय” के उद्घोष से की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के सभी पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों का सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया।
अपने भाषण में उन्होंने कहा कि वे केवल एक पद नहीं संभाल रहे, बल्कि भाजपा की विचारधारा, परंपराओं और एक राष्ट्रवादी आंदोलन की जिम्मेदारी स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने 140 करोड़ भारतीयों के विकसित भारत के संकल्प और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चल रहे सामूहिक प्रयासों की सराहना की।
चुनावी मोड में संगठन, पांच राज्यों पर नजर : नितिन नवीन ने अपने संबोधन में आगामी विधानसभा चुनावों का भी स्पष्ट संकेत दिया। तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, केरल और पुडुचेरी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन राज्यों की बदलती सामाजिक परिस्थितियां चुनौती जरूर हैं, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत, अनुशासन और संगठनात्मक शक्ति के दम पर पार्टी सभी पांच राज्यों में मजबूत प्रदर्शन करेगी।
पीएम मोदी बोले— “नितिन नवीन मेरे बॉस, मैं उनका कार्यकर्ता : कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संगठन और कार्यकर्ता संस्कृति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा में सबसे बड़ा गौरव किसी पद का नहीं, बल्कि कार्यकर्ता होने का है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भले ही वे देश के प्रधानमंत्री हों, लेकिन पार्टी के विषयों में वे स्वयं को एक कार्यकर्ता मानते हैं और अब संगठनात्मक दृष्टि से नितिन नवीन उनके “बॉस” हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी केवल भाजपा तक सीमित नहीं होती, बल्कि एनडीए के सभी सहयोगी दलों के बीच समन्वय भी उतना ही महत्वपूर्ण दायित्व है।
प्रधानमंत्री ने नितिन नवीन की सरलता, सहज व्यवहार और विभिन्न जिम्मेदारियों में उनके कार्य अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि चाहे युवा मोर्चा की भूमिका हो, विभिन्न राज्यों में संगठन प्रभारी की जिम्मेदारी हो या बिहार सरकार में प्रशासनिक अनुभव—हर भूमिका में उन्होंने खुद को साबित किया है।
21वीं सदी के अगले 25 वर्षों का नेतृत्व संकेत : प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी के पहले 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं और आने वाले 25 वर्ष भारत के लिए निर्णायक होने वाले हैं। यह वही कालखंड है जिसमें विकसित भारत का निर्माण सुनिश्चित होना है। इस ऐतिहासिक दौर की शुरुआत में नितिन नवीन का भाजपा की विरासत को आगे बढ़ाना संगठन के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
उन्होंने नितिन नवीन को युवा ऊर्जा और संगठनात्मक अनुभव का संतुलन बताया—एक ऐसी पीढ़ी का प्रतिनिधि जिसने रेडियो का दौर भी देखा और आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सक्रिय उपयोग भी कर रही है।
संगठनात्मक और राजनीतिक अनुभव : नितिन नवीन बिहार की राजनीति में अनुभवी चेहरा माने जाते हैं। वे पांच बार विधायक रह चुके हैं और बिहार सरकार में मंत्री के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। संगठन में भी उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि उनका अनुभव और युवा ऊर्जा आने वाले वर्षों में भाजपा संगठन को मजबूती प्रदान करेगा।


