मेरठ। प्रधानमंत्री ने मेरठ में देश की पहली नमो भारत रैपिड रेल सेवा (आरआरटीएस) का उद्घाटन करते हुए दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया। साथ ही मेरठ मेट्रो के नए खंड का भी शुभारंभ किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश और पूरा देश विश्व स्तरीय अवसंरचना के एक नए युग का साक्षी बन रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह परियोजना ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को नई ऊर्जा देने वाली है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मेरठ मेट्रो, नमो भारत ट्रेन और क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली (आरआरटीएस) के नए खंड के शुरू होने से एनसीआर के लोगों का जीवन और अधिक सरल, सुगम और सुविधाजनक होगा।
एक स्टेशन, एक ट्रैक पर नमो भारत और मेट्रो : प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में पहली बार ऐसा हो रहा है जब नमो भारत और मेट्रो रेल एक ही स्टेशन और एक ही ट्रैक पर संचालित होंगी। इससे यात्रियों को एक ही प्लेटफॉर्म से शहर के भीतर यात्रा करने के साथ-साथ दिल्ली से सीधा आवागमन करने की सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की कार्य संस्कृति यह सुनिश्चित करती है कि जिस परियोजना की नींव रखी जाती है, उसे समयबद्ध तरीके से पूरा भी किया जाता है। “मुझे इन परियोजनाओं की आधारशिला रखने का अवसर भी मिला और आज इनके उद्घाटन का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ है,” उन्होंने कहा।
नारी शक्ति का प्रतीक : प्रधानमंत्री ने अपनी यात्रा के दौरान मेरठ मेट्रो में सफर किया और छात्रों व यात्रियों से संवाद किया। उन्होंने इस परियोजना को ‘नारी शक्ति’ का प्रतीक बताते हुए कहा कि अधिकांश ट्रेन ऑपरेटर और स्टेशन नियंत्रण कर्मचारी महिलाएं हैं।
संपर्क से विकास को गति : प्रधानमंत्री ने कहा कि सराय काले खां, आनंद विहार, गाजियाबाद और मेरठ में रेलवे, मेट्रो और बस सेवाओं का एकीकरण इस परियोजना की बड़ी विशेषता है। इससे दिल्ली में कार्यरत श्रमिकों और छात्रों को प्रतिदिन आवागमन में सुविधा होगी और उन्हें महानगरों में किराये पर रहने की मजबूरी से राहत मिलेगी।
उन्होंने बताया कि 2014 से पहले देश में केवल 5 शहरों में मेट्रो सेवा थी, जबकि आज 25 से अधिक शहरों में मेट्रो संचालित हो रही है और भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन चुका है।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका : प्रधानमंत्री ने कहा कि आज कई विकसित देश भारत के साथ व्यापार समझौते करने को उत्सुक हैं क्योंकि वे भारत के विकास और युवा शक्ति में अपना भविष्य देखते हैं। “विश्व को विश्वास है कि भारत 21वीं सदी की चुनौतियों का समाधान देने में सक्षम है,” उन्होंने कहा।
एमएसएमई और किसानों के लिए विशेष पहल : प्रधानमंत्री ने केंद्रीय बजट में एमएसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये के विशेष कोष का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे छोटे उद्यमियों को ऋण प्राप्त करना आसान होगा। उन्होंने बताया कि कूरियर से माल भेजने की 10 लाख रुपये की सीमा समाप्त किए जाने से मेरठ और उत्तर प्रदेश के छोटे व्यापारी सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बना सकेंगे।
किसानों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि सरकार ने खाद्य प्रसंस्करण और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास किया है। उत्तर प्रदेश के किसानों को अब तक लगभग 95,000 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न : प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरठ-हापुड़ क्षेत्र ने चौधरी चरण सिंह की दूरदृष्टि को करीब से देखा है और सरकार को उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।


