मोरों की पीएम रिपोर्ट आई, वन विभाग ने 3 ग्रामीणों को लिया जीआर पर, एसडीओ ने शुरू की जांच

दतिया। ग्राम कुठोंदा में कीटनाशक मिले गेंहूं को खाने से मृत हुए 8 मोरों के मामले में वन विभाग की ओर से तीन ग्रामीणों को जीआर (ज्यूडीशियल रिमांड) पर लेकर जेल भेजा गया है। वन विभाग के रेंजर चंद्रशेखर ने बताया कि राष्ट्रीय पक्षी मोरों के मृत होने के बाद प्रारंभिक जांच में ग्रामीणों के लिए गए बयान और मोरों की पीएम रिपोर्ट के बाद तीन युवक परसराम, नीरज और खेत मालिक मुन्ना तिवारी को विभाग ने जीआर पर लेकर जेल भेजा है। ताकि उनसे पूछतांछ की जा सके। उन्होंने बताया कि अभी उक्त लोगों पर आरोप सिद्ध नहीं हुआ है। इस संबंध में पूछतांछ जारी है।

गौरतलब है कि ग्राम कुठोंदा के खेत में दो दिन लगातार 8 मृत मोर और अन्य पक्षी पड़े मिले थे। जिनके बारे में ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम के अधिकारियों को बताया था कि गांव के युवक परसराम, नीरज आदि ने मोरों का शिकार करने की नियत से गेंहूं के दानों में कीटनाशक मिलाकर डाल दिया था। जिसके बाद यह घटना घटित हुई।

इधर मृत मिले मोरों की पीएम रिपोर्ट में भी उनके कीटनाशक से मौत होने की पुष्टि की गई है। फिलहाल विभाग ने इस संबंध में तीन लोगों को जीआर पर लिया गया है। मोरों के मृत मिलने के मामले की जांच वन विभाग के एसडीओ कर रहे हैं। इस संबंध में वन विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है। वहीं वनमंडलाधिकारी प्रियांशी राठौर ने भी स्पष्ट तौर पर कहा है कि मामले की पूरी जांच की जाएगी। ताकि दोषियों को सजा मिल सके और आगे राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार करने की कोई ग्रामीण फिर कोशिश न करें। फिलहाल इस मामले को लेकर कुठोंदा ग्राम के लोग भी वन विभाग को जांच में पूरी मदद कर रहे हैं। वन विभाग की टीम लगातर इस संबंध में जानकारी जुटा रही है।

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