उत्तराखंड में आया राजनीतिक भूचाल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दिया इस्तीफा

देहरादून। उत्तराखंड में राजनीतिक भूचाल आ गया है। समझा जा रहा है कि भाजपा आलाकमान के इशारे पर मुख्यमंत्री ित्रवेंद्र सिंह रावत ने अपना इस्तीफा दिया है। राजनीतिक गलियारों में छिड़ी कयासों के मुताबिक पार्टी के विधायकों ने मुख्यमंत्री की गिरती परफार्मेंस को लेकर आलाकमान को चेताया था। जिसके बाद से उत्तराखंड में नेतृत्व बदलने को लेकर चर्चाएं की जाने लगी है। समझा जाता है कि इस सबके चलते ही रावत ने अपने पद से इस्तीफा दिया है। 

उत्‍तराखंड (Uttarakhand) के मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (Trivendra Singh Rawat) ने मंगलवार को अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया है। जानकारी के अनुसार, राज्‍य में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की स्थिति में सुधार की कवायद के तहत रावत ने पद छोड़ा है। 60 वर्षीय रावत ने राज्‍यपाल बेबी रानी मौर्य को इस्‍तीफा सौंपा।

उत्‍तराखंड में राजनीतिक घटनाक्रम पिछले कुछ दिनों से तेज था। त्रिवेंद्र सिंह रावत की कैबिनेट के मंत्री धन सिंह रावत को फिलहाल सीएम पद की रेस में सबसे आगे माना जा रहा है। वे प्राइवेट हेलीकॉप्टर से श्रीनगर गढ़वाल से देहरादून के लिए रवाना हो गए हैं।

गौरतलब है क‍ि त्रिवेंद्र सिंह रावत की हाल में भाजपा आलाकमान के साथ दिल्‍ली में कई बैठकें हुई थीं। समझा जाता है कि पार्टी नेतृत्‍व को अपने विधायकों से यह फीडबैक मिला था कि मुख्‍यमंत्री का ‘अपेक्षा से नीचे का प्रदर्शन’ अगले साल फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी को भारी पड़ सकता है। इसके बाद रावत की बैठक भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ हुई थी। इससे पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ पहाड़ी राज्‍य उत्‍तराखंड के सियासी हालात के बारे में भी चर्चा की गई थी।

इससे पूर्व भाजपा कोर ग्रुप की अचानक हुई बैठक ने उत्तराखंड का सियासी पारा बढ़ा दिया था। सीएम रावत के खिलाफ कई विधायकों ने अपनी नाराजगी जताते हुए नेतृत्व को आगाह किया था कि 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने भाजपा उपाध्यक्ष रमन सिंह और पार्टी महासचिव दुष्यंत सिंह गौतम को पर्यवेक्षक बनाकर देहरादून भेजा था।

इसके बाद सोमवार को दिल्ली में पार्टी हाईकमान की बैठक हुई थी, इस बैठक में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह और संगठन महासचिव बीएल संतोष मौजूद थे। त्रिवेंद्र सिंह रावत के आलोचक उन पर संवादहीनता का आरोप लगाते रहे हैं। निर्णय लेने में उनकी कथित अक्षमता भी पार्टी के सहयोगियों को नाराज करती रही है।

Share this with Your friends :

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter