सुविधा के लिए बनाई गई पॉलीथिन सबसे बड़ा सिरदर्द बन गई : अब इससे बनाएं दूरी, डीएफओ प्रियांशी राठौड ने किया आव्हान

Datia News : दतिया। पॉलीथिन का बढ़ता उपयोग पर्यावरण को सबसे अधिक घातक सिद्ध हो रहा है। आधुनिक युग में सुविधाओं के विस्तार ने पारंपरिक आदतों से हमें दूर कर दिया है। पॉलीथिन मानव जीवन के साथ-साथ पृथ्वी के वातावरण के लिए भी खतरा पैदा कर रही है। सुविधा के लिए बनाई गई पॉलीथिन सबसे बड़ा सिरदर्द बन गई है।

यह बात जिला वन मंडलाधिकारी प्रियांशी सिंह राठौड ने गत दिवस स्थानीय स्कूल में समाजसेवी डा. राजू त्यागी द्वारा आयोजित पॉलीथिन मुक्त दतिया अभियान कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहाकि पॉलीथिन का इस्तेमाल करके हम न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि गंभीर रोगों को भी न्यौता दे रहे हैं।

उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों से अपील करते हुए कहाकि वह अपने माता-पिता को समझाएं कि अब से जब भी बाजार जाएं पॉलीथिन के स्थान पर कपड़े से बने थैले में ही समान लेकर आएं, क्योंकि आपकी बात आपके माता-पिता जरूर मानेगें, आप सभी बच्चे दतिया को पॉलीथिन मुक्त बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हो।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित नगर पालिका में पदस्थ स्वच्छ्ता पर्यवेक्षक नीति श्रीवास्तव ने कहाकि पॉलीथिन को ऐसे ही फैंक देने से नालियां जाम हो जाती हैं। इससे गंदा पानी सड़कों पर फैलता है। जिससे शहर की सुंदरता खराब होती है। उन्होंने कहाकि हमें अपने शहर को स्वच्छ रखने के लिए इसका उपयोग करना पूर्णतः बंद कर देना चाहिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं विद्यालय की प्राचार्या तृप्ति खरे ने समाजसेवी डा.राजू त्यागी द्वारा चलाए जा रहे ग्रीन दतिया-क्लीन दतिया अभियान, पोलीथिन मुक्त दतिया अभियान की प्रशंसा की एवं उन्होंने शहर के अन्य समाजसेवी संस्थानों को आगे आकर डा.त्यागी से प्रेरणा लेकर सामाजिक कार्य करने की अपील की।

कार्यक्रम का संचालन अनूप गोस्वामी व सृष्टि गोलानी ने किया। आभार विद्यालय के डायरेक्टर जीतेश खरे द्वारा व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।

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