मंडला में रकम दोगुनी करने का झांसा देने वाले पोंजी गिरोह का पर्दाफाश : 6 अंतरराज्यीय ठग गिरफ्तार, ₹66.50 लाख की संपत्ति व कैश जब्त

मंडला/भोपाल। निवेश के नाम पर कम समय में असामान्य मुनाफा और रकम दोगुनी करने का लालच देकर भोले-भाले नागरिकों की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह पर मध्य प्रदेश पुलिस ने शिकंजा कसा है। मंडला पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए धोखाधड़ी के इस बड़े सिंडिकेट से जुड़े 6 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹32 लाख नकद, लग्जरी कारें और दोपहिया वाहनों सहित करीब ₹66.50 लाख की संपत्ति जब्त की है।

प्राथमिक जांच में अब तक पीड़ितों से करीब ₹1 करोड़ 75 लाख रुपये की धोखाधड़ी संबंधी शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की तह तक जाने पर ठगी का यह आंकड़ा और अधिक बढ़ने की संभावना है।

नागपुर, मुंबई और गोंदिया तक पुलिस की दबिश; 3 जिलों से दबोचे गए 6 शातिर

मामले की गंभीरता और बड़े वित्तीय लेन-देन को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मंडला के निर्देशन में विशेष जांच टीमों का गठन किया गया था:

  • चार राज्यों और शहरों में तलाशी: पुलिस टीमों ने साइबर सेल की मदद से आरोपियों के मूवमेंट को ट्रैक किया और नागपुर, गोंदिया, मुंबई, बालाघाट समेत कई संभावित ठिकानों पर छापे मारे।

  • घेराबंदी कर गिरफ्तारी: समन्वित कार्रवाई के तहत पुलिस ने घेराबंदी कर गोंदिया (महाराष्ट्र), बालाघाट और मंडला से गिरोह के 6 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।

बरामदगी: ₹32 लाख कैश, अल्काजार-ब्रेजा कारें और स्कूटी जब्त : कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ठगी की रकम से खरीदी गई और उपयोग में लाई जा रही संपत्तियों को जब्त किया है:

  • ₹32 लाख नकद बरामद: आरोपियों के ठिकानों से कुल 32 लाख रुपये की नगदी बरामद की गई है।

  • वाहनों का काफिला जब्त: एक हुंडई अल्काजार कार, एक मारुति ब्रेजा कार, तीन नई स्कूटी और अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹66 लाख 50 हजार आंकी गई है।

  • ठगी के पैसों से छुड़ाई गिरवी कार: विवेचना में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपियों के पास मौजूद हुंडई अल्काजार कार पहले कहीं गिरवी रखी हुई थी। ठगी का शिकार हुए निवेशकों के पैसों में से ₹11 लाख नकद देकर आरोपियों ने यह कार छुड़ाई थी।

नागपुर में भी दर्ज है केस, अन्य राज्यों के कनेक्शन की जांच जारी : पुलिस जांच में पकड़े गए आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है:

  • महाराष्ट्र से जुड़े तार: एक आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र के नागपुर जिले के नंदनवन पुलिस थाने में भी पहले से वित्तीय धोखाधड़ी का अपराध दर्ज है, जिसमें वह वर्तमान में जमानत पर चल रहा था।

  • मनी ट्रेल और बेनामी संपत्ति पर नजर: पुलिस अब सभी गिरफ्तार आरोपियों से रिमांड में पूछताछ कर रही है ताकि अन्य निवेशकों की पहचान, पैसों के ट्रांसफर रूट (Money Trail), बैंक खातों और ठगी की रकम से अर्जित अन्य अचल संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा सके।

मध्य प्रदेश पुलिस की आमजन से अपील : पुलिस प्रशासन ने नागरिकों को ऐसे वित्तीय जालसाजों से सावधान रहने की चेतावनी दी है:

  • असामान्य मुनाफे के झांसे में न आएं: कम समय में धन दोगुना करने या अनरियलिस्टिक रिटर्न देने वाली किसी भी पोंजी/अवैध चिटफंड स्कीम में अपनी मेहनत की जमा पूंजी न लगाएं।

  • वैधानिकता की करें जांच: किसी भी संस्था में निवेश करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि वह आरबीआई (RBI) या सेबी (SEBI) से विधिवत पंजीकृत है या नहीं।

  • संदिग्ध गतिविधियों की दें सूचना: यदि कोई व्यक्ति या समूह इस तरह की संदिग्ध स्कीम चलाता दिखे, तो तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।

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