बस्तर में जवानों के साथ प्रधानमंत्री ने मनाई दिवाली : देश हुआ नक्सल-मुक्त, पीएम बोले—’दशकों पुरानी लड़ाई जीत चुका है भारत’

जगदलपुर (बस्तर)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष प्रकाश पर्व दीपावली छत्तीसगढ़ के घने जंगलों से घिरे बस्तर में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों के बीच मनाई। जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने देश को वामपंथी उग्रवाद से पूरी तरह मुक्त बताते हुए कहा कि 2026 की यह दीपावली ऐतिहासिक है, क्योंकि देश ने नक्सलवाद और माओवादी आतंक के खिलाफ दशकों पुरानी जंग निर्णायक रूप से जीत ली है। उन्होंने कहा कि आज देश का हर जिला नक्सलवाद के साए से बाहर आ चुका है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी नक्सली आतंक का गढ़ रहे बस्तर में आज विकास और शांति की नई बहार है। उन्होंने सीआरपीएफ, कोबरा, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, राज्यों की पुलिस और ‘बस्तर फाइटर्स’ के जवानों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को 140 करोड़ देशवासियों की ओर से नमन किया।

230 जिलों से शून्य तक: 47 साल बाद ऐतिहासिक बदलाव : प्रधानमंत्री ने सुरक्षा परिदृश्य में आए बुनियादी बदलावों के आंकड़े साझा किए:

  • दशकों का आतंक समाप्त: एक समय देश के 20 राज्यों के 230 से अधिक जिले नक्सलवाद की चपेट में थे, जहां शाम होते ही जनजीवन ठहर जाता था और चुनाव प्रक्रिया तक बाधित होती थी।

  • अभूतपूर्व उपलब्धि: वर्ष 2004 से 2013 के बीच जितने नक्सली मारे जाते थे, उससे अधिक संख्या में जवान शहीद होते थे। लेकिन 47 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है कि बीते एक वर्ष के भीतर ड्यूटी के दौरान सीआरपीएफ के एक भी जवान को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ी।

  • फंडिंग और सप्लाई चेन पर प्रहार: केंद्र सरकार ने सुरक्षा बलों को त्वरित निर्णय लेने की पूरी स्वायत्तता दी। साथ ही फर्जी मुद्रा, अवैध हवाला नेटवर्क और जबरन वसूली पर कड़ा प्रहार कर नक्सलियों की आर्थिक रीढ़ और हथियारों की आपूर्ति पूरी तरह ध्वस्त कर दी।

बस्तर में अब बंदूकों की जगह ‘बस्तर ओलंपिक’, विकास की बहार  : प्रधानमंत्री ने बताया कि सुरक्षा बलों के नियंत्रण के बाद नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारा गया:

  • बुनियादी ढांचा: उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए 15,000 किलोमीटर से अधिक पक्की सड़कों का निर्माण किया गया और 9,500 से ज्यादा मोबाइल टावर स्थापित किए गए।

  • शिक्षा व रोजगार: आदिवासी युवाओं के लिए लगभग 175 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, 50 आईटीआई तथा 50 कौशल विकास केंद्र शुरू किए गए। हजारों डाकघर, बैंक शाखाएं और एटीएम खोले गए।

  • पीएम जनमन योजना: अति-पिछड़े आदिवासी अंचलों तक पानी, बिजली और आवास जैसी सुविधाएं पहुंचाई गईं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी बारूदी सुरंगों के लिए कुख्यात बस्तर में आज युवा खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाते हुए ‘बस्तर ओलंपिक’ में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।

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