प्रधानमंत्री के दौरे से पूर्व सेना की आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ : दो को मार गिराया, चड्ढा कैम्प इलाके में हुआ हमला !

जम्मू  : शुक्रवार तड़के सेना के शिविर के पास हुई मुठभेड़ में सेना ने दो आतंकवादी मार गिराए। इस मुठभेड़ में सेना के एक जवान के भी शहीद हो जाने की खबर है। आतंकवादियों से यह मुठभेड़ जम्मू के बाहरी इलाके सुजवां में हुई। सेना के अधिकारियों के मुताबिक यह मुठभेड़ ऐसे वक्त में हुई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सांबा जिले में प्रस्तावित दौरे के देखते हुए दो दिन पहले से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। इस मुठभेड़ में सेना के नौ जवान भी घायल हो गए हैं।

आतंकवादियों से मुठभेड़ के बाद वहां मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने के साथ ही एहतियाती कदम उठाते हुए इलाके व उसके आसपास के क्षेत्रों में सभी निजी और सरकारी स्कूलों को बंद करवा दिया गया है। सेना अधिकारियों के मुताबिक दो आतंकवादियों को मारकर जम्मू में एक बड़ा फिदायीन हमला रोकने में सफलता मिली है।

बताया जाता है कि इससे पहले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के 15 जवानों को सुबह ड्यूटी के लिए लेकर जा रही बस पर चड्ढा कैम्प इलाके के पास सुबह करीब चार बजकर 25 मिनट पर हमला किया गया। आतंकवादियों ने बस पर गोलियां चलाई और ग्रेनेड फेंका। जिसमें सहायक सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) एसपी पाटिल की मौत हो गई। वहीं बस में बैठे दो अन्य जवान घायल हो गए। सुरक्षाबलों ने भी इसका जवाब दिया। जवाबी कार्रवाई में एक आतंकवादी भी मारा गया। इसके बाद इलाके की घेराबंदी कर वहां तलाशी अभियान चलाया गया। मुठभेड़ तब शुरू हुई जब आतंकवादियों ने एक तलाश दल पर गोलियां चला दी।

जिसमें दो आतंकवादी मारे गए। उनके पास से दो एके-47 राइफल, एक अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर और एक सेटेलाइट फोन भी बरामद किया गया है। इलाके में तलाश अभियान अब भी चल रहा है। इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि आतंकवादियों का निशाना क्या था और उन्होंने हाल में सीमा पार से घुसपैठ कैसे की।

मारे गए आतंकवादियों की पहचान और उनके किसी संगठन से जुड़े होने की जानकारी में बाद में सामने आने की संभावना है। सेना के अधिकारियों ने बताया कि मारे गए आतंकवादी पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े बताए जा रहे हैं।

सेना के सूत्रों के मुताबिक सीआईएसएफ जवानों के जवाबी कार्रवाई करने पर कुछ आतंकवादी भाग गए और मोहम्मद अनवार के घर में घुस गए। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने मकान को घेर लिया और एक आतंकवादी को बाथरूम की तरफ जाते वक्त मार गिराया जबकि उसका साथी छिप गया। दूसरे आतंकवादी को ढेर करने के प्रयास लंबे समय तक चले। वह भी मुठभेड़ में मारा गया।

इससे पूर्व भी जेईएम के तीन आतंकवादी 10 फरवरी 2018 को सुंजवां सैन्य शिविर में घुस गए थे और इसके बाद मुठभेड़ में छह जवान समेत सात लोग मारे गए थे। इस दौरान तीनों आतंकवादी भी मार गिराए गए थे। बता दें कि 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर प्रधानमंत्री का इस इलाके से 17 किलोमीटर दूर पाली गांव में एक जनसभा को संबोधित करने का कार्यक्रम है। यह अगस्त 2019 में जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी का जम्मू-कश्मीर में पहला दौरा है।

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